हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "शरह नहजुल बलाग़ा" पुस्तक से लिया गया है। इस कथन का पाठ इस प्रकार है:
:قال امیرالمؤمنین علیه السلام
«فَوَاللَّهِ إِنِّی لَعَلَی الْحَقِّ، وَإِنِّی لِلشَّهَادَةِ لَمُحِبٌّ.»
हज़रत इमाम अली अ.स.ने फरमाया:
अल्लाह की क़सम! मैं निःसंदेह सत्य,हक़ पर हूँ और मुझे शहादत से मोहब्बत है।
शरह नहजुल बलाग़ा,भाग 6,पेज 100
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