शनिवार 12 सितंबर 2026 - 15:46
जामेअतुज़ ज़हरा (स.) में छात्राओं की शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए नई योजना

क़ुम अल मुक़द्दस की जामिया ज़हरा (स.) की निदेशक सय्यदा ज़हरा बरक़ई ने कहा है कि नए शैक्षणिक वर्ष से छात्राओं की शिक्षा के साथ-साथ उनके व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे धर्म की शिक्षा प्राप्त करने के साथ अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी बेहतर ढंग से निभा सकें।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी से बातचीत करते हुए सय्यदा ज़हरा बरक़ई ने बताया कि जामिया ज़हरा (स.) में छात्राओं के प्रशिक्षण के लिए एक नई व्यापक योजना तैयार की गई है, जिस पर नए शैक्षणिक वर्ष से अमल शुरू होगा। इस योजना में विशेष रूप से पहले से तीसरे टर्म की छात्राओं पर ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसी छात्राओं को तैयार करना है, जो केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि प्राप्त ज्ञान को अपने जीवन में भी इस्तेमाल कर सकें। इसके लिए छात्राओं में धार्मिक, नैतिक, शैक्षणिक, पारिवारिक, सामाजिक, शोध, संचार, प्रबंधन और अन्य आवश्यक क्षमताएं विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

सय्यदा ज़हरा बरक़ई के अनुसार, इस योजना को तैयार करते समय छात्राओं की जरूरतों के साथ इस बात को भी ध्यान में रखा गया है कि महिलाएं बेटी, पत्नी और मां के रूप में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाती हैं। जामिया ज़हरा का उद्देश्य है कि छात्राएं धर्म, परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझें और उन्हें बेहतर तरीके से निभा सकें।

उन्होंने बताया कि इस योजना को तैयार करने का काम जून 2026 से शुरू किया गया था और अब तक 14 बैठकें हो चुकी हैं। जामिया ज़हरा के विभिन्न शैक्षणिक, प्रशिक्षण, शोध, परामर्श और प्रशासनिक विभागों ने मिलकर इस कार्यक्रम को तैयार किया है।

जामिया ज़हरा की निदेशक ने कहा कि इस कार्यक्रम में 12 महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें इबादत और आध्यात्मिकता, नैतिकता और प्रशिक्षण, व्यक्तिगत जीवन, परिवार, शिक्षा, सामाजिक मामले, प्रचार-प्रसार, शोध, जनसंचार माध्यम, परामर्श, प्रबंधन तथा कला और साहित्य शामिल हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कौशलों के लिए छात्राओं को केवल अलग से कक्षाएं नहीं दी जाएंगी, बल्कि मौजूदा पाठों के दौरान भी उनका व्यावहारिक प्रशिक्षण किया जाएगा। उदाहरण के लिए, तर्कशास्त्र के शिक्षक छात्राओं में बेहतर सोचने, समस्या को समझने और सही निष्कर्ष निकालने की क्षमता विकसित करेंगे। इसी तरह अन्य शिक्षक भी अपने शिक्षण के तरीके के माध्यम से समय की पाबंदी, शोध और अन्य आवश्यक क्षमताओं का प्रशिक्षण देंगे।

नए शैक्षणिक वर्ष में नई छात्राओं के लिए “राह-ए-रोशन”, उद्घाटन कार्यक्रम और “मसीर-ए-तहसील” सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नैतिकता और जागरूकता से संबंधित बैठकों, नए शैक्षणिक विषयों और व्यावहारिक प्रशिक्षण को भी इस योजना का हिस्सा बनाया गया है।

सय्यदा ज़हरा बरक़ई ने हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.) को मुस्लिम महिलाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ आदर्श बताते हुए कहा कि एक महिला एक अच्छी बेटी, पत्नी और मां होने के साथ-साथ समाज में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं को तैयार करना भी जामिया ज़हरा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है, जो अपने परिवार और नई पीढ़ी की अच्छी परवरिश कर सकें।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आठ टर्म की शिक्षा पूरी करने के बाद छात्राएं केवल ज्ञान रखने वाली नहीं होंगी, बल्कि उस ज्ञान को व्यावहारिक जीवन में इस्तेमाल करने वाली भी होंगी और अपने परिवार, समाज तथा देश की बेहतरी में प्रभावी भूमिका निभाएंगी।

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