सोमवार 14 सितंबर 2026 - 17:27
शिया उलमा की लगातार गिरफ्तारी, बहरैन के हालात चिंताजनक

हौज़ा / बहरैन की एक अदालत ने शिया धर्मगुरु शेख अब्दुलनबी अल-नश्शाबा को जेल की सज़ा सुनाई है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , बहरैन की एक अदालत ने बुधवार,9 सितंबर 2026 को शिया धर्मगुरु शेख अब्दुलनबी अल-नश्शाबा को एक कथित आरोप में एक साल की जेल की सज़ा सुनाई।

आले-ख़लीफ़ा के अभियोजन प्रमुख ने बताया कि प्राथमिक आपराधिक अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक साल की कारावास की सज़ा सुनाई और उनका मोबाइल फोन भी जब्त करने का आदेश दिया।

इस बीच, कई मानवाधिकार संगठनों और राजनीतिक समूहों ने बहरीन के अधिकारियों द्वारा कई धर्मगुरुओं, ख़तीबों और मद्दाहों को उनकी धार्मिक गतिविधियों के कारण लगातार पूछताछ और मुकदमे का सामना कराने की निंदा की है। उनका कहना है कि ये कार्रवाइयाँ धार्मिक संवाद को सीमित करने, धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने और बहरीन के शियाओं के साथ भेदभाव करने के लिए चलाए जा रहे आधिकारिक अभियान का हिस्सा हैं।

गौरतलब है कि बुधवार 19 अगस्त 2026 को आले-ख़लीफ़ा शासन से जुड़े सुरक्षा बलों ने शहर अल-ज़हेरा सलामुल्लाह अलैहा में शेख अब्दुलनबी अल-नश्शाबा के घर पर छापा मारने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और एक अज्ञात स्थान पर ले गए थे। यह कार्रवाई बिना किसी न्यायिक अनुमति या गिरफ्तारी के कारण बताए की गई थी।

स्थानीय सूत्रों ने आशंका जताई थी कि उनकी गिरफ्तारी का कारण बहरीन में नागरिकता प्राप्त कुछ लोगों द्वारा की गई सांप्रदायिक उकसावे की कार्रवाई हो सकती है, जिसका उद्देश्य शेख अल-नश्शाबा को निशाना बनाकर बहरीन से शियावाद को खत्म करना है।

रिपोर्ट में यह भी आशंका व्यक्त की गई है कि बहरीन के शासक, इज़राइल के सहयोग से, बहरीन से शियावाद को धीरे-धीरे समाप्त करने की कोशिश कर रहा हैं।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha