रविवार 13 सितंबर 2026 - 14:51
दुश्मन के तमाम दबावों के बावजूद प्रतिरोध का मोर्चा सक्रिय और गतिशील

हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद जलाल हुसैनी ने कहा कि दुश्मनों की तमाम साज़िशों, सैन्य और राजनीतिक दबावों तथा प्रचार युद्ध के बावजूद मध्य-पूर्व में प्रतिरोध का मोर्चा आज भी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि इसकी सक्रियता का श्रेय प्रतिरोध के मोर्चे की साम्राज्यवाद-विरोधी और स्वतंत्रता-प्रेमी भावना को दिया जाना चाहिए।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हुज्जतुल इस्लाम सैयद जलाल हुसैनी ने सनंदज में हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि आज सभी लोग इस बात को अच्छी तरह समझ चुके हैं कि गतिशीलता और जीवंतता प्रतिरोध के मोर्चे की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं।

कामियारान स्थित इमाम बाक़िर (अ.स.) मदरसा के प्रमुख ने कहा कि दुश्मनों की तमाम साज़िशों और सैन्य व राजनीतिक दबावों के साथ-साथ उनके व्यापक प्रचार युद्ध के बावजूद मध्य-पूर्व में प्रतिरोध का मोर्चा सक्रिय है। उन्होंने कहा कि यह उसकी साम्राज्यवाद-विरोधी और आज़ादी पसंद विचारधारा का परिणाम है।

उन्होंने आगे कहा कि इस संवेदनशील ऐतिहासिक दौर में दुश्मनों, विशेष रूप से अमेरिका और ज़ायोनी शासन की पूरी कोशिश ईरान को अलग-थलग करने की है। उन्होंने कहा कि दुश्मनों ने अपने उद्देश्य को हासिल करने के लिए हर तरह के कदम उठाए हैं, चाहे वह युद्ध अपराध हों या अभूतपूर्व आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध।

हुज्जतुल इस्लाम हुसैनी ने कहा कि ईरान के खिलाफ दुश्मनों द्वारा लगाए गए अभूतपूर्व आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंधों के बावजूद, उनके दावों और पूर्वानुमानों के विपरीत यह व्यवस्था कमजोर नहीं हुई। बल्कि पश्चिमी विशेषज्ञों की स्वीकारोक्ति के अनुसार भी ईरान लगातार अधिक शक्तिशाली होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यह स्वीकार करना होगा कि देश में मौजूद कुछ आर्थिक समस्याओं का समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से कम आय वाले तबके पर दबाव पड़ा है। इसलिए हमारी सरकार से अपेक्षा है कि वह इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए उचित और बुनियादी समाधान अपनाए।

उन्होंने कहा कि ईरानी जनता ने हमेशा यह साबित किया है कि वह इस क्रांति और व्यवस्था के साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।

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