हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन बहाउद्दीन आका हुसैनी ने नमाज़-ए-जुमआ को इस्लाम और इस्लामी क्रांति के मूल्यों की रक्षा का मज़बूत मोर्चा बताते हुए कहा कि नमाज़-ए-जुमा लोगों के बीच एकता और एकजुटता को मज़बूत करने के साथ समाज में जागरूकता, अंतर्दृष्टि और चेतना पैदा करने का माध्यम है।
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन आका हुसैनी समिति के सदस्यों से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि नमाज़-ए-जुमा के आयोजन से जनता के बीच एकता और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। साथ ही, समाज के विभिन्न वर्गों में जागरूकता और अंतर्दृष्टि पैदा होती है तथा सामाजिक वातावरण में आध्यात्मिकता को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने नमाज़-ए-जुमा को इस्लामी क्रांति की आत्मा, सामूहिक इस्लाम की पहचान और इस्लामी व्यवस्था का सांस्कृतिक केंद्र बताते हुए कहा कि इबादत और राजनीति के इस महत्वपूर्ण सामूहिक आयोजन में जनता की भागीदारी का कोई विकल्प नहीं होना चाहिए।

हुज्जतुल इस्लाम आका हुसैनी ने आगे कहा कि नमाज़-ए-जुमआ मुसलमानों का एक सामूहिक, राजनीतिक और इबादती कर्तव्य है, जो एकता और शक्ति का प्रतीक होने के साथ-साथ इस्लाम तथा इस्लामी क्रांति के मूल्यों की रक्षा का एक मजबूत मोर्चा भी है।
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन आका हुसैनी ने कहा कि नमाज़-ए-जुमआ में जनता की उत्साहपूर्ण भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि लोग इस इबादत की फज़ीलत और अपने जीवन पर पड़ने वाले इसके प्रभावों को समझते हैं तथा इसे महत्व देते हैं।
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