हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘ग़ेरर उल हिकम’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام علی علیهالسلام:
إِنَّ رَأْیَکَ لَا یَتَّسِعُ لِکُلِّ شَیْءٍ، فَفَرِّغْهُ لِلْمُهِمِّ.
इमाम अली (अ) ने फ़रमाया:
“निस्संदेह, तुम्हारी सोच में हर चीज़ के लिए गुंजाइश नहीं है, इसलिए अपनी सोच को महत्वपूर्ण कार्यों के लिए समर्पित करो।”
ग़ेरर उल हिकम, भाग 2, पेज 606
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