इमाम सज्जाद (18)
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भारतहज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) की शहादत दुआ, दूरदर्शिता और चरित्र के माध्यम से उम्मत के निर्माण का महान मिशन
इस्लामी इतिहास में कर्बला केवल एक युद्ध या एक दुखद घटना का नाम नहीं है, बल्कि यह सत्य और असत्य के बीच लड़ी गई वह शाश्वत क्रांति है जिसने इंसानियत को ज़ुल्म के सामने सिर न झुकाने का संदेश दिया।
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धार्मिकइमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) की शहादत दिवस पर संक्षिप्त परिचय
हज़रत इमाम अली इब्नुल हुसैन अलैहिस्सलाम के कई उपनाम थे जिनमें सज्जाद, सैयदुस्साजेदीन और ज़ैनुल आबेदीन प्रमुख हैं इनकी इमामत का दौर कर्बला की घटना और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत के बाद शुरू…
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दिन की हदीसः
धार्मिकशहादत, अहल-ए-बैत (अ) के लिए सम्मान और गौरव
इमाम सज्जाद (अ) ने एक रिवायत में शहादत को अहल-ए-बैत (अ) के लिए सम्मान और गौरव बताया है।
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उलेमा और मराजा ए इकरामशाम में इमाम सज्जाद (अ) का ख़ुत्बा प्रभावशाली क्यों हुआ, लेकिन कूफ़ा में इमाम हुसैन (अ) के ख़ुत्बो का वैसा प्रभाव क्यों नहीं पड़ा?
आयतुल्लाह मिस्बाह यज़्दी (र) ने कहा कि हर समाज के लोग ईमान, समझ और धार्मिक मूल्यों के पालन में समान नहीं होते। उन्होंने स्पष्ट किया कि कूफ़ा में यद्यपि अनेक ईमानदार और अहलेबैत (अ) से प्रेम करने…
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धार्मिकदूसरों की संपत्ति पर नज़र न रखने का प्रभाव
इमाम सज्जाद (अ) ने एक रिवायत में दूसरों के धन और संपत्ति की लालसा छोड़ने को अच्छाइयों और भलाई का मूल स्रोत बताया है।
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उलेमा और मराजा ए इकरामइमाम सज्जाद (अ) की दुआएँ; जिहाद-ए-तबयीन का प्रभावशाली हथियार
दुआ और मुनाजात, इमाम ज़ैनुल आबिदीन (अ) का ऐसा प्रभावी माध्यम था, जिसके द्वारा उन्होंने जिहाद-ए-तबयीन के क्षेत्र में तथा उम्मत को सत्य और नूर ए इलाही की ओर मार्गदर्शन करने का महान कार्य किया।
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किताब ‘तबयीन-ए-आशूरा’ के लेखक से बातचीत में समीक्षा:
ईरानहम इमाम हुसैन (अ) की शहादत से 10 दिन पहले ही अज़ादारी क्यों शुरू करते हैं?
कर्बला इंसान की अल्लाह के फ़ैसले पर रज़ामंदी का सर्वोच्च प्रतीक था। इमाम हुसैन (अ) अपनी मुबारक ज़िंदगी के अंतिम क्षणों में क़त्लगाह में यह दुआ पढ़ रहे थे: “ऐ अल्लाह! मैं तेरे फ़ैसले पर राज़ी…
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दिन की हदीस:
धार्मिकमोमिन की खास अख्लाकी खुसूसीयत
हौज़ा / हज़रत इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में मोमिन की खास अख्लाकी खुसूसीयत की ओर इशारा किया हैं।
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धार्मिकइमाम सज्जाद (अ) की माता के संबंध में दो ज़रूरी सवाल
हौज़ा / प्राचीन काल के सोर्सो में इमाम सज्जाद (अ) की माता का नाम शाहरबानू या शाह ज़ानन बताया गया है; हालाँकि, यह भी कहा जाता है कि इमाम (अ) के जन्म के समय ही उनकी मौत हो गई थी, जिसका मतलब है…
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धार्मिकग़ैबत के ज़माने मे विलायत पर बाक़ी रहना
हौज़ा / इमाम सज्जाद अहलैहिस्सलाम ने एक रिवायत मे उन लोगो के इनाम और सवाब की ओर इशारा किया है जो आख़ेरुज़ ज़मान मे अहले बैत (अ) की विलायत पर बाकी है।
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धार्मिकक़यामत मे हज़रत अब्बास (अ) का मक़ाम
हौज़ा इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) ने एक रिवायत मे हज़रत अब्बास (अ) के मक़ाम की ओर इशारा किया है।
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धार्मिकहज़रत ज़ैनब की दरबारे इब्ने ज़्याद में एतिहासिक ललकार
हौज़ा / कर्बला के वाक़िये के बाद जब अहले बैत अ.स. को क़ैदी बना कर कूफ़ा लाया गया और दरबार-ए-इब्ने ज़्याद सजा तो ज़ालिम यह समझ रहा था कि उसने हक़ की आवाज़ को हमेशा के लिए ख़ामोश कर दिया है। मगर…
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धार्मिकमुश्किलों में इबादत
हौज़ा/ हज़रत इमाम सज्जाद (अ) ने एक रिवायत में हज़रत ज़ैनब (स) की रूहानी महानता और इबादत के ऊँचे लेवल की ओर इशारा किया है।
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धार्मिक25 जमादि उस सानी 1447 - 16 दिसम्बर 2025
हौज़ा / इस्लामी कैलेंडरः 25 जमादि उस सानी 1447 - 16 दिसम्बर 2025
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दिन की हदीसः
धार्मिकमाता-पिता की सेवा करने से गुनाहों की माफ़ी मिलती है
हौज़ा/ हज़रत इमाम सज्जाद (स) ने एक रिवायत में बताया है कि “माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करना” इंसान के लिए माफ़ी के दरवाज़े खोलने की वजह है।
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धार्मिक11 जमादि उस सानी 1447 - 2 दिसम्बर 2025
हौज़ा / इस्लामी कैलेंडरः 11 जमादि उस सानी 1447 - 2 दिसम्बर 2025
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धार्मिकइमाम सज्जाद (अ) की विलादत और आज का युवा, किरदार साज़ी का नया सफ़र
हौज़ा / १५ जमादिल अव्वल का मुबारक दिन तारीख़ के सफ़हात पर एक नूरी चराग़ की मानिंद है। यह वह दिन है जिसने इंसानियत के सफ़र में इबादत की लतीफ़ खुशबू, दुआ की पाकीज़गी और किरदार के वक़ार का इज़ाफ़ा…
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धार्मिकतक़वा के साथ अमल का महत्व
हौज़ा/ इस रिवायत में, इमाम सज्जाद (अ) ने तक़वा के साथ अमल करने के महत्व को समझाया है।