हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निम्नलिखित रिवायत “वफ़यात उल आइम्मा” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस तरह है:
قال الإمام السجاد علیه السلام:
عَمَّتِي زَيْنَبُ ما تَرَكَتْ تَهَجُّدَها طُولَ دَهْرِها حَتّى لَيْلَةَ الحادِيَ عَشَرَ مِنَ المُحَرَّمِ.
हज़रत इमाम ज़ैनुल अबेदीन (अ) ने फ़रमाया:
मेरी बुआ ज़ैनब (स) ने अपनी पूरी ज़िंदगी में कभी नमाज़े शब नहीं छोड़ी, यहाँ तक कि मुहर्रम की ग्यारहवीं रात को भी (उनकी तहज्जुद की नमाज़ नहीं छोड़ी गई)।
वफ़यात उल आइम्मा, पेज 441
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