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बच्चे और महिलाएंपरिवारिक प्रशिक्षण | डांट डपट से बच्चे सुधरते नहीं है
अगर पिता लगातार बच्चे को डांटता है और घर का माहौल टेंशन से भरा रहता है, तो सही तरीका है कि बच्चे को स्किल्स सिखाएं और उसका साथ दें, न कि उसे डांटें। मां अपने शांत और असरदार लहजे से अपने पति को…
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बच्चे और महिलाएंक्या अल्लाह को हमारी नमाज़ की ज़रूरत है?
हौज़ा/ नमाज़ पढ़ना अल्लाह की कोई ज़रूरत नहीं है, बल्कि हमारे लिए अपने दिल और रूह को साफ़ करने और ज़िंदगी के सही रास्ते पर आगे बढ़ने का एक मौका है।
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बच्चे और महिलाएंबचपन: परवरिश और व्यक्तित्व निर्माण का आधारभूत चरण
हौज़ा/ बचपन के हर स्टेज की अपनी खासियत होती है; शुरुआती सालों में माता-पिता से गहरा लगाव होता है, जबकि करीब नौ साल की उम्र में कलेक्टिव चेतना का बनना और ज़िम्मेदारी का महत्व साफ़ होने लगता है।
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मदरसा बिंतुल हुदा हरियाणा में साप्ताहिक आनलाइन दर्से अख़लाक़:
बच्चे और महिलाएंअखलाक़ वह चिराग है जो इंसान को उसकी कमज़ोरियों से वाकिफ़ कराकर उसे ठीक करता है: सुश्री मिर्ज़ा सना फ़ातिमा नजफ़ी
हौज़ा / मदरसा बिंतुल हुदा (रजिस्टर्ड), हरियाणा ने Google Meet प्लैटफ़ॉर्म के ज़रिए हर साप्ताहिक ऑनलाइन दर्से अख़लाक ऑर्गनाइज़ किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया;…
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बच्चे और महिलाएंबच्चों के सवालों का सही जवाब कैसे दें? सात प्रभावित तरीके
हौज़ा/ बच्चे अपनी नैचुरल जिज्ञासा और कल्पना से अपने आस-पास की दुनिया को समझने की कोशिश करते हैं। अगर माता-पिता सब्र, आदर और आसान और समझने लायक तरीके अपनाएं, तो वे बच्चों के सवालों का सबसे अच्छे…
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बच्चे और महिलाएंबच्चियों की परवरिश के महत्वपूर्ण बिंदु
हौज़ा / इमाम मूसा काज़िम (अ.स.) की एक रिवायत से यह स्पष्ट होता है कि बच्चियों की परवरिश में छह वर्ष की उम्र के बाद विशेष नैतिक सीमाओं का पालन करना बेहद ज़रूरी है, ताकि बच्चों को संभावित नैतिक…
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बच्चे और महिलाएंपीढ़ियों के बीच अच्छाई और बुराई के ट्रांसमिशन का मुख्य सोर्स
हौज़ा / अगर एक माँ अपने बच्चे को सही शिक्षा देती है, तो वह पूरे देश की मुक्ति की नींव रख सकती है, और अगर इसका उल्टा हो, तो वही माँ गुमराही और भटकाव का कारण भी बन सकती है।
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बच्चे और महिलाएंक्या सिर्फ़ बेहिजाब औरतें ही जहन्नम मे जाऐंगी?
हौज़ा/ एक मुश्किल सवाल का विस्तृत जवाब: दूसरे अच्छे कामों के बावजूद, बे हिजाब के आखिरत पर पड़ने वाले असर को कुरान और हदीस की शिक्षाओं और कामों के असर के आधार पर साफ़ किया गया है।
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बच्चे और महिलाएंइबादत का बेहतरीन महीना रजब है।सुश्री नफ़ीसा हुसैनी वाइज
हौज़ा / हौज़ा इल्मिया खोवहारान गुलिस्तान की प्रिंसिपल ने कहा, इबादत का बेहतरीन रजब है रजब के महीने में बार-बार माफ़ी मांगने का आदेश है।
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बच्चे और महिलाएंक्या परलोक में हिजाब और महरमियत के नियम होंगे?
हौज़ा / मज़हबी शको के एक्सपर्ट ने परलोक में महरमियत के नियमों को डिटेल में समझाते हुए बरज़ख, परलोक, जन्नत और जहन्नम की हालत को अलग-अलग समझाया और कहा कि इनमें से हर पड़ाव में आपसी रिश्तों और हदों…
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हरियाणा के मदरसा बिंतुल हुदा में अज़ीम जश्न-ए-बतूल (स) सेलिब्रेशन;
बच्चे और महिलाएंफातिमा ज़हरा (स) की ज़िंदगी और किरदार हर उम्र की औरतों के लिए रोशनी की किरण है, मुक़र्रेरीन
हौज़ा/ इंडिया में रजिस्टर्ड मदरसा बिंतुल हुदा ने हज़रत फातिमा ज़हरा (स.) के मुबारक जन्म के मौके पर जश्न-ए-बतूल (स) का आयोजन बहुत अकीदत और इज्ज़त के साथ मनाया। जश्न-ए-बतूल में बड़ी संख्या में…
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सुश्री रेहाना सलामी:
बच्चे और महिलाएंइस्लामिक क्रांति के बने रहने और आगे बढ़ने में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
हौज़ा / सुश्री रेहाना सलामी ने शहीदों की माताओं और पत्नियों को सम्मानित करने वाले एक प्रोग्राम में बातचीत के दौरान कहा: इस्लामिक क्रांति में महिलाओं की पूरी और असरदार हिस्सेदारी इस क्रांति के…
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प्रिंसिपल मदरस ए इल्मिया फातिमा ज़हेरा किश्वानीया:
बच्चे और महिलाएंऔरतें;औलाद की सही तरबीयत करके तारीख का रुख बदल सकती है
हौज़ा / श्रीमती बिख़स्ता ने संतान की परवरिश में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, महिलाएं संतान की सही परवरिश के जरिए समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उनमें…
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बच्चे और महिलाएंबच्चों के साथ बुरा बर्ताव खत्म करने का सही तरीका क्या है?
हौज़ा/ बच्चो के साथ बुरा बर्ताव या बुरी बातें खत्म करने का सबसे असरदार तरीका है, पूरी तरह से बेपरवाही दिखाना। माता-पिता या परिवार के सदस्यों की कोई भी नेगेटिव प्रतिक्रिया इस गलत व्यवहार को और…
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महिलाओं का इतिहास, भाग - 11
बच्चे और महिलाएंइस्लाम: वो क्रांति जिसने औरतों को फ़ैसले और इच्छा की ताकत दी
हौज़ा/ इस्लाम के अनुसार, औरतें और मर्द दोनों इंसानी ज़िंदगी में पार्टनर हैं, और इसलिए दोनों को बराबर हक़ और समाज के फ़ैसले लेने का हक़ दिया गया है। औरतों के नेचर में दो खास बातें बताई गई हैं:…
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महिलाओं का इतिहास, भाग - 10
बच्चे और महिलाएंइस्लाम मे श्रेष्ठता का मापदंड महिला या पुरूष होना नहीं, बल्कि तक़वा है
हौज़ा / इस्लाम में पुरुष और महिला में श्रेष्ठता का एकमात्र मापदंड तक़वा और नैतिक गुण हैं। हर इंसान को उसके कर्मों का जवाब देना होगा। कुरान ने महिलाओं की उपेक्षा की तीव्र निंदा की है और इंसानों…
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महिलाओं का इतिहास, भाग - 9
बच्चे और महिलाएंइस्लाम ने महिला के ऊपर सदियों की क्रूरता को कैसे समाप्त किया?
हौज़ा / इस्लाम ने औरत की हालत को मुलभूत रूप से बदल दिया और उसे पुरुष की तरह एक स्थायी और बराबर इंसान के रूप में माना। इस्लाम के अनुसार पुरुष और महिला सृष्टि और कर्म के हिसाब से बराबर हैं, और…
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महिलाओं का इतिहास, भाग - 8
बच्चे और महिलाएंएकमात्र धर्म जिसने महिलाओं को उनकी सच्ची गरिमा और मूल्य दिया
हौज़ा / इस्लाम से पहले अरब समाज में महिलाओं की स्थिति सभ्य और जंगली दोनों तरह के रवैयों का मिश्रण थी। महिलाएं आमतौर पर अपने अधिकारों और सामाजिक मामलों में स्वतंत्र नहीं थीं, लेकिन कुछ ताकतवर…
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बच्चे और महिलाएंधर्म के प्रति गहरी समझ अल्लाह की ओर से भलाई का प्रतीक है, डॉ. सय्यदा तस्नीम मूसावी
हौज़ा / जामिआ अल-मुस्तफ़ा कराची में डॉक्टर सैय्यदा तसनीम ज़हरा मूसीवी ने दरस-ए-अख़लाक़ में “रूहानी बीमारी की पहचान और इलाज” के विषय पर भाषण दिया। उन्होंने इस्लामी हदीस— पैग़म्बर सल्लल्लाहो अलैहे…
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महिलाओं का इतिहास, भाग - 7
बच्चे और महिलाएंअरब समाज मे महिलाएँ सामाजिक अधिकारो से क्यो महरूम थी?
हौज़ा / इस्लाम से पहले अरब समाज में औरतों का कोई इख़्तियार, इज़्ज़त या हक़ नहीं था। वे विरासत नहीं पाती थीं, तलाक़ का हक़ उनके पास नहीं था और मर्दों को बेहद तादाद में बीवियाँ रखने की इजाज़त थी।…
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महिलाओं का इतिहास, भाग - 6
बच्चे और महिलाएंपुत्रि को अपमान और अवैध बेटे को सम्मान
हौज़ा/ इस्लाम से पहले अरब समाज में औरतों का कोई इख़्तियार, इज़्ज़त या हक़ नहीं था। वे विरासत नहीं पाती थीं, तलाक़ का हक़ उनके पास नहीं था और मर्दों को बेहद तादाद में बीवियाँ रखने की इजाज़त थी।…
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महिलाओं का इतिहास, भाग - 5
बच्चे और महिलाएंप्राचीन ग्रीस और रोम में महिलाओं की लाचारी और उत्पीड़न की कहानी
हौज़ा / रोम और ग्रीस के पुराने समाजों में औरतों को मा तहत, बे‑इख़्तियार और अमूल्य प्राणी समझा जाता था। उनकी ज़िंदगी के तमाम मामलात चाहे इरादा हो, शादी, तलाक़ या माल‑ओ‑जायदाद सब मर्दों के इख़्तियार…
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बच्चे और महिलाएंहमारे बच्चे नसीहत नही, अमली नमूना देखना चाहते है
हौज़ा/ बच्चे “देख कर” सीखते हैं, “नसीहत सुन कर” नहीं। माता-पिता का अमल, ख़ास तौर पर माँ का, बच्चे के लिए एक स्थायी नमूना होता है।परवरिश में सब्र, लगातार ध्यान और माँ की सक्रिय भागीदारी ज़रूरी…
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महिलाओं का इतिहास, भाग - 4
बच्चे और महिलाएंमहिलाएं: परिवार की ताबेअ, सदस्य नहीं
हौज़ा / प्राचीन रोम में, महिलाओं को परिवार का वास्तविक सदस्य नहीं माना जाता था; परिवार केवल पुरुषों से बना होता था, और महिलाओं को उनकी प्रजा माना जाता था। रिश्तेदारी और उत्तराधिकार केवल पुरुषों…
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महिलाओं का इतिहास, भाग -3
बच्चे और महिलाएंप्राचीन ईरान, चीन, मिस्र और भारत में महिलाओं का जीवन
हौज़ा / प्राचीन भारत में औरतों को मासिक धर्म के दौरान नजिस और पलीद समझा जाता था, और उनके जिस्म या उनके इस्तेमाल की हुई चीज़ों को छूना भी नजिस होने का बाइस माना जाता था। उस ज़माने में औरत को न…
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बच्चे और महिलाएंपारिवारिक शिक्षा और प्रशिक्षण | बच्चों के रात्रि भय का उपचार, दो सुनहरे नियम
हौज़ा / अगर आपका बच्चा अकेले सोने से डरता है तो वालिदैन, ख़ास तौर पर माँ को चाहिए कि अपने पुरसुकून रवैये और एतिमाद बख़्श मौजूदगी से उसे सुरक्षा का एहसास दें। और दिन के वक़्त खेल और गतिविधियों…
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महिलाओं का इतिहास भाग -2
बच्चे और महिलाएंअज्ञानी और आदिवासी राष्ट्रो में महिलाओं का दर्दनाक जीवन
हौज़ा / पसमांदा क़ौमों में औरत को न कोई हक़ हासिल था और न ही ज़िंदगी में कोई इख़्तियार। उसे मर्द के ताबे समझा जाता था, और बाप या शौहर को उस पर मुकम्मल इख़्तियार हासिल होता था। मर्द अपनी बीवी…
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महिलाओं का इतिहास भाग -1
बच्चे और महिलाएंअल्लामा तबातबाई की नज़र में महिलाओं के अपमान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हौज़ा / इस्लामी क़ानून इंसानी तज़रबों पर आधारित नहीं हैं, बल्कि इंसान की असली भलाई (मस्लहत) और बुराइयों पर क़ायम हैं। इन क़ानूनों की अहमियत समझने के लिए ज़रूरी है कि हम पिछली और मौजूदा क़ौमों…
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बच्चे और महिलाएंहम अपने बच्चो को नेकी की तिलक़ीन और बुराई से किस प्रकार रोकें?
हौज़ा / यह बात समझनी बहुत ज़रूरी है कि बच्चों की धार्मिक और नैतिक परवरिश की सबसे बुनियादी नींव “प्यार” है। माहिरों का कहना है कि माता-पिता अगर अपने बच्चों के साथ प्यार और आत्मीयता का रिश्ता बनाए…
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बच्चे और महिलाएंनई इस्लामी सभ्यता के निर्माण में ईरानी महिलाओं की ऐतिहासिक भूमिका
हौज़ा / फ़िरदौसी यूनिवर्सिटी में इस्लामी इतिहास की अध्यापिका ने कहा कि ईरानी महिलाओं ने इस्लामी क्रांति से लेकर प्रतिरोध मोर्चे तक नई इस्लामी सभ्यता के निर्माण में बेजोड़ भूमिका निभाई है।