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लेखअमेरिकी चुनाव में ट्रंप की पार्टी की हार, अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के कवर पेज पर दिलचस्प टिप्पणियां
टाइम, द इकोनॉमिस्ट, द न्यू यॉर्कर और न्यूयॉर्क पोस्ट ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजों को अपने-अपने अंदाज में पेश किया। कुछ पत्रिकाओं के कवर पेज पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक मुश्किलों…
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लेखअमेरिका पतन की कगार पर!
ईरान की धरती पर लगभग 48 वर्ष पहले तानाशाही व्यवस्था के अंत के बाद इस्लामी क्रांति सफल हुई थी। उस समय से लेकर आज तक अमेरिका लगातार ईरान के पीछे पड़ा हुआ है और उसकी स्थिरता, अस्तित्व तथा विकास…
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लेखअमेरिका और उसके समर्थकों की हार: ट्रंप से नेतन्याहू तक, ताकत के अहंकार का पतन
विश्व राजनीति में कुछ घटनाएं महज चुनावी नतीजे नहीं होतीं, बल्कि वे सत्ता के नशे में चूर शासकों के अहंकार पर ऐसे करारे प्रहार होते हैं, जो उनके राजनीतिक दंभ, वर्चस्व के दावों और अजेय होने की सोच…
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लेखखून का बदला! ईरान युद्ध ने अमेरिकी राजनीति में ट्रंप की सत्ता को हिलाकर रख दिया
क्या बेगुनाहों का खून आखिरकार अमेरिकी सत्ता के गलियारों तक अपना हिसाब पहुँचा रहा है? अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की ऐतिहासिक जीत, रिपब्लिकन पार्टी के पारंपरिक राजनीतिक…
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लेखअमेरिकी चुनावों का संदेश; क्या कट्टरपंथी धार्मिक राजनीति के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है?
अमेरिकी चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिले चुनावी झटकों और डेमोक्रेट्स की जीत ने ट्रंप की राजनीतिक शैली तथा धार्मिक कट्टरपंथ के राजनीतिक प्रभावों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, वास्तविक…
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लेखईरान का परमाणु कार्यक्रम: असली डर बम का नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र राष्ट्र की प्रगति का है!
परमाणु शक्ति बनना अपने आप में कोई गौरव की बात नहीं है, लेकिन किसी राष्ट्र को उसके जायज़ वैज्ञानिक अधिकारों से वंचित रखना, उसकी तरक्की के रास्ते बंद करना और उसे दूसरों का मोहताज बनाने की कोशिश…
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लेखतेहरान वार्ता: क्षेत्रीय संप्रभुता, शांति और मुस्लिम एकता की परीक्षा
तेहरान में हुई वार्ता के संदर्भ में सबसे पहला और बुनियादी सवाल क्षेत्र के भविष्य की क्षेत्रीय व्यवस्था का है। मध्य पूर्व लंबे समय से बड़ी शक्तियों के राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक हितों का केंद्र…
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लेखज़ायोनीवाद और फ़िलिस्तीन का सवाल: इसराइल की अरब पार्टियाँ, सत्ता की राजनीति और फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों पर एक विश्लेषणात्मक लेख
इसराइल की राजनीति का एक महत्वपूर्ण और विचारणीय पहलू यह है कि वहाँ अरब नागरिकों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व तो प्राप्त है, लेकिन सत्ता के गठन के समय उनकी भागीदारी को अक्सर कड़े विरोध का सामना करना…
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लेखचुनाव आयोग से लेकर न्यायपालिका तक, क्या विरोध-प्रदर्शन की आहट?
भारत में मस्जिदों को ध्वस्त करने या अतिक्रमण बताकर हटाने की मुहिम तेज होती जा रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से मस्जिदों को गिराए जाने और उन्हें अतिक्रमण घोषित किए जाने की खबरें लगातार आती रहती…
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लेखअमेरिका ईरान से क्या चाहता है? शांति की सलाह या उसकी रक्षा क्षमता खत्म करने की कोशिश?
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को समझने के लिए केवल वर्तमान परिस्थितियों पर नजर डालना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अतीत की उन घटनाओं को भी याद करना जरूरी है, जिनसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति की कई कड़वी…
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हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट :
लेखहुर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान की ताकत, राष्ट्रीय और क्रांतिकारी दृढ़ता का परिणाम
क्षेत्र में, विशेषकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य के संदर्भ में, आज ईरान की इस्लामी गणराज्य की शक्ति वर्षों के राष्ट्रीय और क्रांतिकारी प्रतिरोध, दुश्मन के सामने डटे रहने तथा हाइब्रिड युद्धों में सफलता…
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लेखईरान: युद्ध के साये में ड्रोन उत्पादन में तीन गुना वृद्धि
ईरानी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल के साथ हालिया संघर्ष के दौरान ईरान में मानवरहित विमानों (यूएवी) का उत्पादन तीन गुना हो गया।
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लेखसत्ता, न्यायपालिका और लोकतंत्र: नई पीढ़ी के सवाल
सरकार के ख़िलाफ़ पहले भी आंदोलन हुए हैं, लेकिन या तो उन पर ध्यान नहीं दिया गया या उन्हें बदनाम करके ख़त्म कर दिया गया। किसान आंदोलन एक साल से अधिक समय तक चला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…
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लेखअतीत का नाम नहीं, अपना चरित्र बनाएं पहचान
इंसान को अपने बुजुर्गों का सम्मान जरूर करना चाहिए, लेकिन अपनी पहचान उनके साये में नहीं, बल्कि अपने चरित्र और कर्मों से बनानी चाहिए।
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लेखईरान ने अमेरिकी शक्ति के दावे की पोल खोली; अरबों डॉलर का नुकसान, सैन्य भंडार पर दबाव और ट्रंप के लहजे में झलकता भय
5 अक्टूबर 2026 को नेब्रास्का के ग्रैंड आइलैंड शहर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध के कारण पेट्रोल, डीजल और अन्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का बचाव किया।
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लेखयमनी दलदल सबको ले डूबेगी!
रियाज़, जेद्दा और कई सऊदी शहर यमनी मिसाइलों के निशाने पर हैं। तेल की पाइपलाइनें यमनी ड्रोन और मिसाइलों की जद में हैं। यमनियों ने सऊदी अरब पर समुद्री नाकाबंदी लागू कर रखी है। अगर कोई यह समझ रहा…
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लेखहमारे मुज्तहिदीन व महान फ़ुक़हा और इस्लामी गणराज्य ईरान की पवित्र व्यवस्था
सम्मानित पाठकों! आप जानते हैं कि भ्रष्ट और निरंकुश शाही शासन के पतन तथा धर्मविरोधी और विलासी शाह पहलवी के देश से भाग जाने के बाद ईरान में वर्तमान इस्लामी क्रांति और धार्मिक शासन व्यवस्था 1979…
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लेखमसूद पिज़िशकियान का संयुक्त राष्ट्र में संबोधन: प्रतिरोध, कूटनीति और ईरान की नई कूटनीतिक रणनीति
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान का संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिया गया संबोधन महज एक पारंपरिक कूटनीतिक भाषण नहीं था, बल्कि पिछले कुछ महीनों के दौरान ईरान पर हुए युद्ध और हमलों के संदर्भ में…
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सय्यद हसन नसरुल्लाह; शहादत के बाद भी एक ज़िंदा विचार
लेखमकतब-ए-आशूरा, नेतृत्व की बसीरत और प्रतिरोध की वैचारिक विरासत
सय्यद हसन नसरुल्लाह की वैचारिक शख्सियत को समझने के लिए मक्तब-ए-अहलेबैत और वाक़िया-ए-आशूरा के प्रभावों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। शिया विचारधारा में कर्बला केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि…
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लेखदिफ़ा ए मुक़द्दस: ईरानी राष्ट्र के दृढ़ संकल्प, गौरव और सम्मान का इतिहास
दिफ़ा ए मुक़द्दस ईरानी राष्ट्र के दृढ़ संकल्प, साहस, धर्म के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और प्रेम की वह उज्ज्वल तस्वीर है, जो हमेशा इस राष्ट्र के गौरव और सम्मान का ताज बनकर दुनिया की अन्य राष्ट्रों…
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लेखजिस ईरान को झुकाने निकले थे, उसी के राष्ट्रपति की सुरक्षा भी अमेरिका को करनी पड़ रही है!
अमेरिका के लिए इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि उसे उसी ईरानी राष्ट्रपति की सुरक्षा करनी पड़ रही है, जिसकी हत्या के लिए उसने अपनी सुरक्षा एजेंसी को लगा रखा था।
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लेखईरानी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में दुनिया के ज़मीर को झकझोर दिया
संयुक्त राष्ट्र के 81वें सत्र में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान का एक हाथ में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की तस्वीर और दूसरे हाथ में मिनाब स्कूल के शहीदों की तस्वीरें लेकर खड़ा होना महज़ एक…
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लेखडॉ. पिज़िश्कियान ने संयुक्त राष्ट्र में दुनिया के ज़मीर को झकझोर दिया
संयुक्त राष्ट्र के 81वें अधिवेशन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पिज़िश्कियान का एक हाथ में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की तस्वीर और दूसरे हाथ में मिनाब स्कूल के शहीदों की तस्वीरें लेकर खड़ा होना केवल…
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लेखअरब रेगिस्तान पर छाए दुख और पीड़ा के बादल
अमेरिकियों ने भी मध्य पूर्व में कैसी स्थिति पैदा कर दी है। अपना तो नुकसान किया ही, लेकिन अपने अरब सहयोगियों को भी कहीं का नहीं छोड़ा।
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लेखईरान और युद्ध की नैतिकता: ताकत के सामने इंसानियत
युद्ध केवल हथियारों का मुकाबला नहीं होता, बल्कि यह इंसानी नैतिकता की सबसे बड़ी परीक्षा भी होता है। मिसाइलें चलती हैं, ड्रोन उड़ते हैं, विमान बम गिराते हैं और रक्षा प्रणालियां आसमान को रोशन करती…
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लेखसुपर पॉवर या वैश्विक आतंकवादी?
अमेरिका जब से सुपर पॉवर बना है, उसने दुनिया के कमजोर और छोटे देशों का जीना मुश्किल कर दिया है। इस वैश्विक आतंकवादी ने हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणु बम का इस्तेमाल करके लाखों लोगों को मौत के…
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लेखकल सिफ़्फ़ीन में क़ुरआन को नेज़ों पर उठाया गया था, आज मक्का और मदीना का नाम सामने है
पवित्र नाम लेना और पवित्र उद्देश्य के लिए खड़ा होना, दोनों एक बात नहीं हैं। सिफ़्फ़ीन में क़ुरआन को नेज़ों पर उठाया गया था; आज मक्का और मदीना का नाम सामने है। समय बदल गया, लेकिन भावनाओं को इस्तेमाल…
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लेखयमन से हुर्मुज स्ट्रेट तक: मुस्लिम दुनिया किसके हित के लिए युद्ध लड़ रही है?
मध्य पूर्व एक बार फिर ऐसे खतरनाक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ एक छोटी-सी चिंगारी पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में धकेल सकती है। यमन में अंसारुल्लाह की बढ़ती ताकत, बाब अल-मंदब का महत्व, होर्मुज़ जलडमरूमध्य…
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लेखब्रिक्स सम्मेलन और ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा, ईरान और भारत के पुराने संबंधों का एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक चरण
नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के अवसर पर ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान की भारत यात्रा एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटना है। इस यात्रा को केवल एक औपचारिक मुलाकात या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन…
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लेखअंसारुल्लाह की प्रगति: प्रतिरोधी मोर्चे का करिश्मा और ईरान की सफलताओं का ततिम्मा
अगर आज हुर्मुज़ स्ट्रेट और बाब अल-मंदब की बात की जाए, तो क्षेत्रीय शक्ति के समीकरण में दोनों की निर्णायक भूमिका है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान के पास दबाव बनाने का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साधन…