हौज़ा न्यूज़ एजेंसी: रियाद, जेद्दा और कई सऊदी शहर यमनी मिसाइलों के निशाने पर हैं। तेल की पाइपलाइनें यमनी ड्रोन और मिसाइलों की जद में हैं। यमनियों ने सऊदी अरब पर समुद्री नाकाबंदी लागू कर रखी है। अगर कोई यह समझता है कि अंसारुल्लाह को कुछ दिनों या महीनों में गिरा दिया जाएगा, तो वह गलतफहमी में है। स्थिति दिन-ब-दिन और गंभीर होती जाएगी।
हवाई ताकत के बल पर जो सीमित और अस्थायी सफलता हासिल की गई थी, उसके बाद संबंधित पक्ष वीडियो बनाकर वहां से निकल चुके हैं। इस दौरान सऊदी समर्थित लड़ाकों ने जो युद्ध अपराध किए और अपनी कार्रवाइयों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए, उससे दुनिया के सामने उनका भयावह चेहरा उजागर हो चुका है।
संक्षेप में कहा जाए तो यमनी पक्ष आने वाले दिनों में अपनी मिसाइल तकनीक को और बेहतर करेगा। ड्रोन की बेहद सस्ती तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा, जिसने इजरायल के लिए भी गंभीर मुश्किलें पैदा कर दी हैं। आपके पास ताकत है तो उसका इस्तेमाल करके देख लीजिए। दुनिया भर के लड़ाकों को वहां इकट्ठा किया जा रहा है, उन्हें भी वहां भेजकर देख लीजिए। आपको मालूम है कि जिन इलाकों में आपने पहले ऐसे लोगों को इकट्ठा किया था, वे बाद में आपके लिए ही मुसीबत बन गए और आगे भी ऐसा हो सकता है।
यमनियों के पास खोने के लिए बहुत कम है और वे बेहद सीमित संसाधनों के साथ अपना जीवन गुजार रहे हैं। उनकी आपूर्ति श्रृंखला स्थानीय है और वे अमेरिका तथा इजरायल पर निर्भर नहीं हैं, जबकि आपकी लगभग पूरी व्यवस्था बाहर से आने वाली आपूर्ति पर निर्भर है। यदि दो-तीन वर्षों तक ऐसे ही हालात बने रहे, तो यह स्थिति आपके लिए भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
इसलिए सबसे बेहतर रास्ता यह है कि अतीत की गलतियों के लिए माफी मांगी जाए और भविष्य में यमन के मामलों में हस्तक्षेप न करने का संकल्प लिया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो पूरा क्षेत्र तबाही की ओर जा सकता है। आज तेल क्षेत्रों में सीमित स्तर पर आग लगी है, लेकिन कल यह आग और भी फैल सकती है।
इसी वजह से हम युद्ध के पहले दिन से ही इसके खिलाफ हैं। आप अपनी ताकत और युद्ध क्षमता आजमाना चाहते हैं तो आजमा लीजिए।
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