सोमवार 6 जून 2022 - 17:48
इस्लामी गणराज्य न लिबरल डेमोक्रेसी जैसा और न कम्युनिस्ट व्यवस्था के समान

हौज़ा/इन्क़ेलाब इस्लामी के सुप्रीम लीडर, आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई ने कहां,इमाम ख़ुमैनी लोंगों की राय को जो इतनी अहमियत देते थे उसकी खास वजह लोगों से प्रेम और मोहब्बत,और ‎इस्लाम से उनकी गहरी आगाही थी।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,इन्क़ेलाब इस्लामी के सुप्रीम लीडर, आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई ने कहां,इमाम ख़ुमैनी लोंगों की राय को जो इतनी अहमियत देते थे उसकी खास वजह लोगों से प्रेम और मोहब्बत,और ‎इस्लाम से उनकी गहरी आगाही थी।


इसीलिए इमाम ने उस ज़माने में दुनिया में ‎प्रचलित दो विचारधाराओं यानी पूंजीवादी लिबरल डेमोक्रेसी और तानाशाही ‎कम्युनिस्ट व्यवस्था, इन दोनों से इस्लामी जुमहूरिया को अलग रखा। ‎


उन्होंने इसीलिए इंकलाब के लिए इतना बड़ा कदम उठाया ताकि साम्राज्यवाद को खत्म किया जा सके और देश में सभी नागरिकों के लिए सामान कानून बनाया जा सके
इमाम ख़ामेनेई,4 जून 2022

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