सोमवार 9 फ़रवरी 2026 - 19:03
अहले बैत अ.स. के चाहने वाले को सहाबे ईल्म होना चाहिए। मौलाना कल्बे रूशैद रिज़वी

हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम मौलाना कल्बे रूशैद रिज़वी ने कंदरकी सादात ज़िला मुरादाबाद में मरहूम शुजाअत हुसैन बिन ज़वार हुसैन और हिफ़ाज़त हुसैन बिन शुजाअत हुसैन की बरसी के मौके पर मुनअक़िद मजलिस-ए-अज़ा मे ख़िताब करते हुए नौजवानों से दौर-ए-हाज़िर के तक़ाज़ों के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि मुहिब्ब-ए-अहले बैतؑ को साहिब-ए-इल्म होना चाहिए, ताकि समाज तरक़्क़ी की आला मंज़िलें तय कर सके।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हुज्जतुल इस्लाम मौलाना कल्बे रूशैद रिज़वी ने अपने ख़िताब में नौजवानों को बेदार रहने की नसीहत करते हुए इल्म की तरफ़ तवज्जोह दिलाई और कहा कि हर मुहिब्ब-ए-अहले बैतؑ को इल्म हासिल करना चाहिए।

चाहे कोई ऑनलाइन कोर्स किसी भी यूनिवर्सिटी से करे, मगर इल्म हासिल करना ज़रूरी है, ताकि मआशरा रूहानी और मद्दी दोनों लिहाज़ से तरक़्क़ी कर सके।

उन्होंने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में जामे मस्जिद ख़दीजातुल-कुबरा पर हुए दहशतगर्दाना हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि हम इस जामा मस्जिद पर हुए ख़ुदकुश हमले की सख़्त मज़म्मत करते हैं।

इस ईसाल-ए-सवाब की मजलिस-ए-अज़ा में जनाब ग़ुलाम मेंहदी व हमनवा ने सोज़ख़्वानी की, जबकि निज़ामत के फ़राइज़ मौलाना सैयद आफ़ाक़ आलम ज़ैदी ने अंजाम दिए।

मजलिस-ए-अज़ा में कंदरकी सादात के मोमिनीन ने कसीर तादाद में शिरकत की और मरहूम के फ़र्ज़ंदों को पुरसा पेश किया।

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