हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत वसाइल उश शिया किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है।
پیامبر صلیاللهعلیهوآله:
«مَن تَرَکَ ثَلاثَ جُمَعٍ مُتَعَمِّداً مِن غَیرِ عِلَّةٍ طَبَعَ اللَّهُ عَلی قَلبِهِ بِخاتَمِ النِّفاق».
पैग़म्बर (स) ने फ़रमायाः
जो कोई भी जानबूझ कर और बिना किसी शरई बहाने के तीन नमाज़े जुमा को छोड़ता है, अल्लाह तआला उसके दिल पर निफ़ाक़ की मुहर लगा देता है।
वसाइल उश शिया, भाग 5, पेज 6, हदीस 26
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