शनिवार 10 जनवरी 2026 - 18:39
ईरान मे तोड़ फोड़ या विदेशी देख रेख मे होने वाले दंगो को किसी सूरत मे सहन नही करेगाः लारेजानी

हौज़ा / ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारेजानी ने चेताया हे कि विदेश से संबंध रखने वाले सशस्त्र हिंसक तत्वो के खिलाफ़ सुरक्षा परिषद और न्यायालय अत्यधिक सख्त कार्रवाई के लिए पूर्ण रूप से तैयार है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को सरकारी टेलीवीजन दिए गए एक इंटरव्यू मे अली लारेजानी ने कहा कि सुरक्षा फ़ोर्सेस को निर्देश दिए गए है कि जनता को किसी भी प्रकार के नुक़सान से बचाने के लिए पूर्ण सावधानी बरती जाए।

उन्होने स्पष्ट किया कि जो तत्व हथियार लेकर मैदान मे आएंगे या ईरान की आंतरिक मुद्दो मे हस्तक्षेप की नियत रखते होंगे उनके साथ निर्णायक व्यवहार किया जाएगा।

उन्होने जनता पर ज़ोर दिया कि वो इसी प्रकार की जागरुकता और चतुराई बाकी रख़े जो जून के महीने मे इजराइली रजीम और अमेरिका की ओर से थोपी गई 12 दिव्सीय जंग के दौरान जनता ने दिखाई थी।

लारेजानी ने कहा कि ईरान के दुशमन अब उन्ही कारको को निशाना बना रहे है जो इस युद्ध के दौरान राष्ट्रीय एकता और ताक़त का कारण बने।

उनका कहना था कि हमारा प्रिय राष्ट्र को अवगत रहना चाहिए कि दुशमनो ने इसी तत्व को निशाना बनाया है जो युद्ध के दौरान राष्ट्र की ताक़त और कामयाबी का स्रोत था । उन्होने राष्ट्रीय यकजहती और चेतना की जरूरत पर ज़ोर दिया।

राष्ट्रीय और धार्मिक पहचान पर हमले

अली लारेजानी ने कहा कि दंगाई तत्वो की कार्रवाईयो को केंद्र ईरान की राष्ट्रीय और धार्मिक पहचान की निशानी है।

उन्होने बताया कि इन तत्वो ने इस्लामी गणतंत्र ईरान के झंडे को आग लगाई और राष्ट्रीय नेताओ की मूर्तियो विशेष कर शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी की मूर्ति को तोड़ फ़ोड़ का प्रयास किया, जो ईरानी हीरो थे और 2020 मे अमेरिका के हमले मे शहीद हुए।

उन्होने आगे कहा कि कुछ घटनाओ मे क़ुरआन को आग लगाने और मस्जिदो को निशाना बनाने जैसे निंदनीय इक़दाम भी किए गए।

आर्थि मुद्दो का बहाना खारिज

उन्होने कहा कि दुकानो की लूटमार और सम्पत्ति को जलाना किसी भी स्थिति आर्थिक जरूरतो की अक्कासी नही करता।

उन्होने कहा कि जैसे आर्थिक मुदा हो वह दुकान लूटने नही जाता, ऐसी कार्रवाईया सार्वजनिक सेवाओ को नुकसान पहुचाती है और उनके पीछे आर्थिक सुधार के बजाए दूसरे बदनियती पर आधारित उद्देश्य होते है।

इजराइली भूमिका की निशानदही

अली लारेजानी ने फ़सादात और तोड़ फ़ोड़ को अधिकृत इजराइली अधिकारीयो के पूर्व बयानात जो ईरान के खिलाफ सीधे फौजी हमले के बजाए आंतरिक तत्वो को इस्तेमाल करने की हिकमत अमली का उल्लेख किया गया था। उनके अनुसार विदेशी संबंध रखने वाले सशस्त्र तत्वो के उद्देश्य इस बात का स्पष्ट सबूत है कि मामला केवल आर्थिक जरूरतो तक सीमित नही है।

उन्होने बताया कि सुरक्षा फोर्सेज ने फ़सादात के सरगना तत्वो की निशानदही कर ली है, जिनमे से कुछ को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि दूसरो की गिरफ्तारी जल्दी हो जाएगी।

राइफ़ल, पिस्तौल और दूसरे हथियार के इस्तेमाल के साक्ष सामने आए है, जो पहले से नियोजित हथियार की तरसील और तकसीम के नियोजित तरीक़े कार की निशानदही करते है। जी 3 लारेजानी के अनुसार तहक़ीक़ात मे उन्होने कहा कि कुछ तत्वो की ओर से फ़ौजी और कानून लागू करने वाली संस्थानो के केंद्र पर कब्ज़े का प्रयास आंतरिक झडप को हवा देने और विदेशी हस्तक्षेप का मार्ग प्रशस्त करने की साजिश का हिस्सा थी, सुरक्षा कर्मियो की समय पर तैयारी के कारण यह कोशिश नाकाम बना देगी।

यह बयान ऐसे समय मे सामने आया है जब सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सय्यद अली ख़ामेनई ने भी स्पष्ट किया है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान दंगाई या विदेशी देखरेख मे होने वाले फ़सादात को किसी स्थिति मे सहन नही किया जाएगा। उन्होने कहा कि ईरान शरपसंदो के सामने कभी पीछे नही हटेगा। इसी साथ उन्होने कहा कि आर्थिक मुद्दो पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जनता का जायज़ अधिकार है।

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