रविवार 11 जनवरी 2026 - 06:28
दुशमन के एजेंटो को अपनी जायज़ मांगो से कदापि ग़लप लाभ न उठाने दें

हौज़ा/ आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम शिराजी ने जनता को संबोधित करते हुए कहाः दुशमन के एजेंटो को अपनी जायज़ अधिकार की मांगो से ग़लत लाभ न उठाने दें। इन दंगाईयो ने निर्दोष जनता की सम्पत्ति यहा तक मस्जिदो और पवित्र स्थलो का अपमान किया। आपको अपनी पक्तियो को इन शैतानी सिफ़ात तत्वो से अलग कर लेनी चाहिए।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, देश मे हालिया घटनाओ के बाद आयतुल्लाहिल उज्मा मकारिम शिराज़ी के संदेश का पाठ इस प्रकार हैः

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम 

ईरान  की प्रिय जनता 

हालिया दिनो की घटनाओ ने प्रत्येक इंसान के दिल को ठेस पुहचाई है। इस राष्ट्र ने अपनी आज़ादी और गरिमा की अत्यधिक गंभीर क़ीमत अदा की है और अब जबकि दुशमन ने इस धरती और उसकी जनता पर हमला करने की पहले से अधिक गंभीरता से षडयंत्र रचा है, हमे पहले से अधिक अपनी एकता को बाक़ी रखना चाहिए। इसलिए मै कुछ ज़रूरी और महत्वपूर्ण बिंदुओ की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ।

पहलेः लोगो के आर्थिक मुद्दो ने सबको परेशान कर रखा है लेकिन हर कोई विशेषकर अशराफ़िया और समाज के किसी भी हिस्से मे प्रभाव रखने वाले लोगो को सावधान रहना चाहिए कि उसे लाभ उठाने वाले लोग अपने घिनौने उद्देश्य के लिए इसतेमाल न करें।

दूसरेः सभी अधिकारीयो और मसउलीन के लिये ज़रूरी है कि वह देश की जनता की जायज़ मांगो को सुने और उनके मुद्दो का समाधान करने के लिए उपाय करें।

तीसरेः अधिकारीयो को चाहिए कि वह दंगा और फ़साद का मुकाबला करने के लिए कमर बांध लें और लाभ उठाने वाले लोगो के हाथ काटना चाहिए और इस संबंध मे कोई लापरवाही या नरमी नही दिखानी चाहिए।

चौथेः जनता विशेषकर अपने प्रिय युवाओ और किशोरो को आर्कषित करना चाहूंगा कि अफरा तफ़रा और आशोब से कोई मुद्दा और समस्या का समाधान नही होता।

मेरे प्रिय बेटो, दुशमन के एजेंटो को अपनी जायज़ मांगो से कदापि ग़लत लाभ न उठाने दें कि वह उसके बहाने आप के पवित्र स्थलो का अपमान करे, सम्पत्ति, सार्वजनिक स्थल और मस्जिदो को तबाह करे और यहा तक कि जनता की ज़ाती सम्पत्ति इत्यादि पर हमला करे अतः आप को अपनी पंक्तियो को इन दंगाईयो के शर स अलग करना चाहिए।

आशा है कि रजब के पवित्र महीने के इन दिन और रात मे देश और इस्लामी प्रणाली हज़रत वील अस्र (अ) की छत्र छाया और जनता तथा मसऊलीन के सहयोग से इन दंगाई समूहो के शर से सुरक्षित रहेगा। इंशाल्लाह

वस सलामो अलैकुम वा रहमतुल्लाह व बराकातोह  

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