हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी धार्मिक संगठनो हालिया आतकंवादी कार्रवाईयो मे जनता, सार्वजनिक सम्पत्ति और धार्मिक पवित्र स्थलो के खिलाफ़ आतंकवादीयो के इक़दामात की कड़ी निंदा करते हुए एक बयान मे कहा है कि धार्मिक संगठन इस्लाम और इस्लामी क्रांति के साथ खड़ी है।
इस बयान का पूर्ण पाठ इस प्रकार हैः
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम
फ़अम्मज़ ज़बदो फ़यज़्हबो जुफ़्अन व अम्मा मा यनफ़उन्नासा फ़यमकोसो फ़िल अर्ज़े ... सूर ए रअद, आयत 17...
धार्मिक संगठन, इस धरती (ईरान) के बेटो और दूसरे लोगो की आर्थिक कठिनाईयो मे उनकी हमदर्द और भागीदार है, लेकिन ऐतराज़ और बग़ावत मे अंतर है।
आज आतकवादी दुशमन की कार्रवाईया, बग़ावत से भी बढ़कर आतकवादी युद्ध मे बदल चुकी है।
दुशमन, इन आतकवादी कार्रवाईयो के माध्यम 12 दिव्सीय युद्ध की पराजय की भरपाई करना चाहते है।
आज प्रदर्शन के नाम पर आतंकवादी दुशमनो की मौजूदगी और गतिविधिया इस तरह जाहिर हो चुकी है कि जिसने 12 दिव्सीय युद्ध के एक और मैदान को स्पष्ट किया है।
मस्जिद, इमाम बारगाह और इमाम ज़ादो की मज़ारो पर हमला और अपमान, क़ुरआन और दुआओ की किताबो को आग लगाना, सुरक्षा कर्मियो को निर्दया से शहीद करना और नर्सो को जिंदा जलाना ऐतराज़ नही है, बल्कि आतंकवाद है और इस आतंकवाद ने देश की शांति को निशाना बनाया है।
देश की संप्रभुता, जिंदगी का पहली बुनियाद है और उससे मुकाबला ईरानी मुसलमान और इस्लमी गणतंत्र ईरान के साथ युद्ध की घोषणा है।
धार्मिक संगठनो, इस्लाम और जनता के साथ है। धार्मिक संगठन एक दिन अर्थ व्यवस्था की स्थिति पर जनता के साथ विरोध प्रदर्शन और आज सड़को पर आतंकवादी कार्रवाईयो और युद्ध के खिलाफ़ ख़डी है।
धार्मिक संगठन, ट्रम्प और दुनिया के दूसरी ताग़ूती क़ुव्वतो को साधान करती है कि हम आशूराई स्कूल के परवरदा जब तक हमारे शरीर मे खून की अंतिम बूद है तब तक इस्लाम, जनता और ईरान के साथ खड़े है। हमे विश्वास है कि इंशाल्लाह इस्लामी गणतंत्र और ईरानी जनता इंसानियत के दुशमनो और अत्याचारीयो पर विजय व सफ़लता प्राप्त करेगी।
मिनजानिबः
जामेअ इमानी मशअर
बसीज मद्दाहान व हैयत
इत्तेहादिया अंजुमन हाए इस्लामी दानिश आमूज़ान
मजमा कानून हाए फ़रहंगी तबलीगी
शूरा ए हैयत ए मज़हबी
शूरा ए हैयत व ख़वातीन मद्दाहान
कानून मद्दाहान अहले बैत
बुनयाद देअबल ख़ुज़ाई
मजमा शाएरान अहले बैत
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