हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,मज्मा ए उलेमा व ख़ुतबा, हैदराबाद ने इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में जुमआ की नमाज़ के दौरान हुए दिलख़राश आतंकवादी हमले की सख़्त निंदा करते हुए बयान जारी किया है,
जिसका पूरा पाठ इस प्रकार है:
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
मज्मा-ए-उलेमा व ख़ुत्बा, हैदराबाद, इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद में जुमे की नमाज़ के दौरान हुए कायराना आतंकवादी हमले की सख़्त तरीन अल्फ़ाज़ में निंदा करता है, जिसके नतीजे में 50 से ज़्यादा मासूम नमाज़ी शहीद हुए और 100 से अधिक लोग ज़ख़्मी हो गए।
यह निर्दयी कार्रवाई न सिर्फ़ बेगुनाह इंसानों के ख़ून से खेलने के बराबर है, बल्कि इस्लाम, इंसानियत और दीनी क़द्रों पर खुला हमला है। अल्लाह के घर में इबादत के मुक़द्दस लम्हों में, इबादतगुज़ारों को निशाना बनाना इस बात का साफ़ सबूत है कि ये आतंकवादी तत्व किसी भी दीन और मज़हब से ताल्लुक़ नहीं रखते और उनका इस्लाम से कोई वास्ता नहीं है।
इस्लाम अमन, सहनशीलता और इंसानियत के एहतराम का दीन है, जबकि इस तरह की आतंकवादी कार्रवाई खुली तौर पर ग़ैर-इस्लामी, ग़ैर-इंसानी और नफ़रत के क़ाबिल जुर्म है।
हम इस दर्दनाक हादसे में शहीद होने वाले मोमिनीन के अहले-ख़ाना से दिली ताज़ियत का इज़हार करते हैं और दुआ करते हैं कि अल्लाह तआला तमाम शहीदों को शोहदा ए कर्बला के साथ महशूर फ़रमाए, और ज़ख़्मियों को जल्द और पूरी तरह सेहतयाब अता फ़रमाए।
मज्मा-ए-उलेमा व ख़ुतबा, हैदराबाद, संबंधित हुक्काम से पुरज़ोर मांग करता है कि इस दिलख़राश हमले में शामिल तमाम मुजरिमों और सहूलतकारों को फ़ौरन गिरफ़्तार कर सख़्त सज़ा दी जाए।इबादतगाहों की हिफ़ाज़त के लिए असरदार और सख़्त सुरक्षा इंतज़ामात किए जाएं।
आतंकवाद और फ़िरक़ावाराना नफ़रत के ख़ात्मे के लिए संजीदा और अमली क़दम उठाए जाएं हम शहीदों के लवाहितीन के ग़म में बराबर के शरीक हैं और अमन, इत्तिहाद और आपसी भाईचारे के अपने अज़्म को दोहराते हैं।
मज्मा-ए-उलेमा व ख़ुतबा, हैदराबाद
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजेऊन
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