शनिवार 7 फ़रवरी 2026 - 23:20
ईरान पर हमला;पूरे क्षेत्र में युद्ध फैल जाएगा।जनरल मूसवी

हौज़ा / ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मूसवी ने चेतावनी देते हुए कहा कि, ईरानी वायुसेना, सर्वोच्च स्तर की तैयारी में है और अन्य सशस्त्र बलों के साथ पूर्ण समन्वय में किसी भी प्रकार के खतरे, आक्रमण या दुश्मन की गलत गणना का निर्णायक, त्वरित और पछतावा कराने वाला जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है, और किसी भी आक्रमण का करारा जवाब दिया जाएगा।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मूसवी ने चेतावनी देते हुए कहा कि, ईरानी वायुसेना, सर्वोच्च स्तर की तैयारी में है और अन्य सशस्त्र बलों के साथ पूर्ण समन्वय में किसी भी प्रकार के खतरे, आक्रमण या दुश्मन की गलत गणना का निर्णायक, त्वरित और पछतावा कराने वाला जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है, और किसी भी आक्रमण का करारा जवाब दिया जाएगा।

ईरान आज पश्चिम एशिया की उन गिनी-चुनी ताक़तों में शामिल है जो केवल बयान नहीं देतीं, बल्कि अपनी सैन्य, रणनीतिक और राजनीतिक क्षमता से संतुलन बनाए रखती हैं। जनरल मूसवी ने जो बात कही, वह किसी भावनात्मक उछाल का नतीजा नहीं है, बल्कि वर्षों की तैयारी, अनुभव और आत्मनिर्भर रक्षा ढांचे पर आधारित आत्मविश्वास है।

ईरान की सबसे बड़ी ताक़त उसकी रणनीतिक प्रतिरोध क्षमता है। उसकी वायुसेना, मिसाइल सिस्टम और संयुक्त सैन्य कमान इस स्तर पर हैं कि किसी भी बाहरी आक्रमण की कीमत केवल ईरान तक सीमित नहीं रह सकती। यही वजह है कि दुश्मन खुले युद्ध से पहले सौ बार सोचने को मजबूर होते हैं। ईरान जानता है कि आधुनिक युद्ध सिर्फ़ हथियारों से नहीं, बल्कि समन्वय, गति और सही समय पर निर्णायक प्रतिक्रिया से जीता जाता है।

दूसरी अहम बात यह है कि ईरान युद्ध शुरू करने वाला देश नहीं रहा है। उसका रुख साफ़ है: आक्रमण नहीं, लेकिन आत्मरक्षा में कोई समझौता नहीं। यह संतुलित नीति उसे नैतिक बढ़त भी देती है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसका पक्ष मज़बूत बनाती है। जब कोई देश स्पष्ट रूप से कहता है कि वह शांति चाहता है लेकिन कमज़ोर नहीं है, तो वह केवल बयान नहीं दे रहा होता, वह लाल रेखा खींच रहा होता है।

इसके अलावा, ईरान की ताक़त उसकी क्षेत्रीय समझ में भी है। वह जानता है कि किसी भी बड़े टकराव का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा। यही चेतावनी उसकी सबसे प्रभावी ढाल है। युद्ध फैलने का डर ही उन ताक़तों को रोकता है जो अक्सर दूसरों की ज़मीन पर लड़ाइयाँ थोपने की आदत रखती हैं। ईरान आज ताक़त के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि ताक़त की संभावना से संतुलन बनाए हुए है। और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यही असली शक्ति होती है।

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