हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,माहे रमज़ानुल मुबारक की दुआ जो हज़रत रसूल अल्लाह (स) ने बयान फ़रमाया हैं।
اَللّهُمَّ ارْزُقْني فيہ رَحمَةَ الأَيْتامِ وَاِطعامَ الطَّعامِ وَاِفْشاءَ وَصُحْبَةَ الكِرامِ بِطَوْلِكَ يا مَلْجَاَ الأمِلينَ ۔
ऐ अल्लाह! मुझे इस महीने में अनाथों पर दया करने, लोगों को खाना खिलाने और बड़ों के साथ रहने की तौफ़ीक़ दे, ऐ उम्मीद रखने वालों की पनाह।
अल्लाहुम्मा सल्ले अला मुहम्मद वा आले मुहम्मद व अज्जिल फ़रजहुम
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