शुक्रवार 27 फ़रवरी 2026 - 05:59
बिना किसी बहाने के रोज़ा न रखना ईमान का नुकसान है

इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में रमज़ान के महीने में रोज़ा न रखने के नतीजों के बारे में बताया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "मन ला यहज़ुर अल-फ़कीह" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:

قال الامام الصادق علیه السلام:

مَنْ أَفْطَرَ يَوْماً مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ خَرَجَ رُوحُ اَلْإِيمَانِ مِنْهُ

हज़रत इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने फ़रमाया:

जो कोई (बिना किसी सही बहाने के) एक दिन का रोज़ा नहीं रखता, ईमान का जज़्बा उससे चला जाता है।

मन ला यहज़ुर अल-फ़कीह, भाग 2, पेज 118, हदीस 1892

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