हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "मन ला यहज़ुर अल-फ़कीह" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
قال الامام الصادق علیه السلام:
مَنْ أَفْطَرَ يَوْماً مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ خَرَجَ رُوحُ اَلْإِيمَانِ مِنْهُ
हज़रत इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने फ़रमाया:
जो कोई (बिना किसी सही बहाने के) एक दिन का रोज़ा नहीं रखता, ईमान का जज़्बा उससे चला जाता है।
मन ला यहज़ुर अल-फ़कीह, भाग 2, पेज 118, हदीस 1892
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