रविवार 1 मार्च 2026 - 08:25
ईरानी जनता और हमारे बुलंद मक़ाम शहीद पिता अंगिनत अच्छाईयो और विशेषताओ का जीता जागता सुबूत थे इस्लाम, क्रांति और ईरान की प्रतिरक्षा मे दृढ़ रहे

हम सभी विद्वानो, हौज़ात ए इल्मिया, सम्मानित मुबल्लेग़ीन, जनता, युवको, अशराफ़िया, विभिन्न सामाजिक वर्गो, सशस्त्र सेना से आग्रह करते है कि वह इस्लाम, क्रांति और ईरान की प्रतिरक्षा मे दृढ़ रहे और आज के इस एतिहासिक अवसर पर अपने बीच एकता और समंजस को मज़बूत करें और ईरान तथा इस्लाम के इतिहास मे एक सुनहेरा अध्याय जोड़े।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम लीडर की शहादत पर हौज़ा ए इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह आराफ़ी की ओर से जारी शोक संदेश का पाठ इस प्रकार है।

बिस्मिल्लाह क़ासेमिल जब्बारीन व मुबीरिज़ ज़ालेमीन

अफ़ाना माता व कत्ला इंक़लिब्तुम अला आक़ेबेकुम

वला तहसबन्नल लज़ीना क़ोतेलू फ़ी सबीलिल्लाहे अमवाता बल अहयाउन इंदा रब्बेहिम यरज़ोक़ून

इस्लामी प्रतिरोध के नेता और पेशवा, मुजाहेदत के आदर्श, इस्लामी उम्मत के नेता और शहीद ए रमज़ान हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा इमाम ख़ामेनई (आलल्लाहो मकामोह) की आत्मा मलकूते आला की ओर परवाज़ और ईरानी जनता और इस्लामी उम्मत तथा हौज़ा ए इल्मिया बहुत बड़े शोक मे लिप्त कर गई।

मै इस भारी नुक़सान पर हज़रत वली अस्र (अज), ईरानी जनता तथा इस्लामी उम्मत, मराज ए ऐज़ाम और हौज़ात ए इल्मिया की सेवा मे संवेदना प्रकट करता हूँ और इस्लामी क्रांति के दोनो महान नेताओ (कुद्दसा सिर्रहोमा) के पवित्र मार्ग की निरंतरता और इस्लामी देश की दृढ़ता और महानता के प्रतिरक्षा पर जोर देता हूँ।

ईरानी जनता और हमारे बुलंद मक़ाम शहीद पिता अंगिनत अच्छाईयो और विशेषताओ का जीता जागता सुबूत थे। जिन्होने दुनिया के कई तआदुलात और हिसाब किताब को बदल कर रख दिया और सदैव ईरान और इस्लामी उम्मत के विकास और महानता का कारण बनते थे।

अब हम है और उन बुलंद शहीदो के पवित्र मार्ग की निरंतरता और इसी प्रकार अपने खुदा और रसूल एवंम मौला हज़रत साहेब अल अस्र वज़ ज़मान (अज) का अनुसरण और उस मार्ग पर हमारी दृढ़ता।

ईरान और इस्लाम के दुशमनो को ज्ञात होना चाहिए कि इस्लामी जनता क्रांति के मार्ग और इस महान शहीदे रमज़ान के पवित्र मार्ग को जारी रखेगी और अपने प्रियो, छात्रो और शहीदो के ख़ून का प्रतिशोध लेगी और इंशाल्लाह ईरान एकजुट रहते हुए सलबुलंद और कामयाब होगा।

हम सभी विद्वानो, हौज़ात ए इल्मिया, सम्मानित मुबल्लेग़ीन, जनता, युवको, अशराफ़िया, विभिन्न सामाजिक वर्गो, सशस्त्र सेना से आग्रह करते है कि वह इस्लाम, क्रांति और ईरान की प्रतिरक्षा मे और इन महत्वपूर्ण संवेदनशील क्षणो मे अपनी एकता और समंजस्य को अधिक मजबूत करने और इस्लाम, क्रांति और ईरान के प्रतिरक्षा मे दृढ़ रहे और आज के इस एतिहासिक अवसर पर अपने बीच एकता और समंजस को मज़बूत करें और ईरान तथा इस्लाम के इतिहास मे एक सुनहेरा अध्याय जोड़े ।

वमनसु इल्ला मन इंदल्लाहिल अज़ीज़िल हकीम।

अली रज़ा आराफ़ी

हौज़ा ए इल्मिया के प्रमुख

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