हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , मुरादाबाद। जुमा की नमाज़ के खुत्बे को संबोधित करते हुए मौलाना डॉ. सैयद शहवार नक़वी ने कहा कि रहबरे मोअज़्ज़म की शहादत हमेशा याद रखी जाएगी और शहीद का खून रंग लाएगा। दुश्मन समझ रहा है कि उसने बड़ी कामयाबी हासिल कर ली और मिल्लत ए इस्लामिया को कमजोर कर दिया, यह उसका ख्याल खाम है।
दुश्मन को याद रखना चाहिए कि रहबरे मोअज़्ज़म की शहादत से मिल्लत में वैश्विक स्तर पर बेदारी (जागरूकता) पैदा हुई और क़ौम ने अपने महबूब और मेहरबान रहनुमा के मकासिद को पूरा करने का अहद (वादा) किया। हर आँख का अश्कबार (आंसू से भरा) होना इस बात की दलील है कि रहबरे मोअज़्ज़म दिलों पर हुकूमत करते थे।
बिला तफरीक-ए-मज़हब और मिल्लत हर इंसान का आपको खिराज-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश करना इस बात का सबूत है कि आयतुल्लाहिल उज़्मा खामेनेई सिर्फ मुसलमानों ही के रहबर नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के कायद नेता और रहनुमा थे।
आपने अपने घर में शहादत पेश कर के बताया कि जो बुज़दिल (कायर) होता है वह बंकर में छिप जाता है और जो शुजा बहादुर और बहादुर होता है वह दुश्मन के सामने साबित क़दम रहता है।
आपकी खबर-ए-शहादत सुनते ही पूरे शहर में कोहराम मच गया, मोमिनीन (मोमिनों) ने एक दूसरे को ताज़ियत (शोक संवेदना) पेश की। फ़ौरन शिया जामा मस्जिद मिर्जा क़ुली खान में ताज़ियती जलसा क़ुरान ख़्वानी, मजलिस-ए-अज़ा और एहतेजाज का एहतिमाम किया गया, जिसमें बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की। इसके अलावा नवाब पुरा, मस्जिद लकड़ी वालान और आज़ाद नगर में मजालिस और एहतेजाज किया गया।
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