हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हुज्जतुल इस्लाम सैयद रूहे ज़फ़र रिज़वी इमाम-ए-जुमआ ख़ोजा शिया जामा मस्जिद मुंबई ने अपने एक बयान में कहा कि उम्मत-ए-मुस्लमा एक सख्त इम्तिहान से गुज़री, मगर हज़रत वली-ए-अस्र इमाम मेंहदी (अ.त.फ.) की ख़ास इनायात और ख़ुदा के फ़ज़ल व करम से दुश्मन की साज़िशें नाकाम हो गईं। दुश्मन तारीख़ बदलने का ख़्वाब देख रहा था लेकिन इंक़िलाब के बा-बसीरत और वफ़ादार फ़रज़ंदों ने बर-वक़्त और दुरुस्त इंतेख़ाब करके उसके तमाम मनसूबे ख़ाक में मिला दिए।
हम यक़ीन रखते हैं कि दौर-ए-ग़ैबत में वली-ए-अम्र-ए-मुस्लिमीन हज़रत आयतुल्लाह सैयद मुजतबा ख़ामेनेई दामत बरकातुहू की क़ियादत उम्मत के लिए बाइस-ए-ख़ैर व बरकत होगी और इंशाअल्लाह इंक़िलाब-ए-इस्लामी इसी तरह तरक़्क़ी और इस्टेहकाम की नई मंज़िलें तय करता रहेगा।
हम इख़्लास के साथ उनकी बैअत व इताअत का एलान करते हैं और दुआ करते हैं कि अल्लाह तआला उन्हें अपनी ख़ास हिफ़ाज़त में रखे और दुश्मनान-ए-इस्लाम की हर साज़िश से महफ़ूज़ फ़रमाए। आमीन।
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