मंगलवार 14 अप्रैल 2026 - 09:16
अल्लाह से डर और आशा

 इमाम सादिक (अ) ने एक रिवायत में अल्लाह से आशा और अल्लाह से डर के बीच की सीमा की ओर संकेत किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत 'तोहफुल-उक़ूल' से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

قال ا امام صادق علیه السّلام:

اُرجُ اللهَ رَجاءً لا یُجَرّیکَ عَلی مَعصِیَتِهِ، وَ خَفهُ خَوفاً لا یُؤیِسُکَ مِن رَحمَتِهِ؛

इमाम सादिक़ (अ) ने फ़रमाया:

"अल्लाह से ऐसी आशा रखो जो तुम्हें उसकी अवज्ञा पर दिलेर न कर दे, और उससे ऐसा डरो जो तुम्हें उसकी दया से निराश न कर दे।"

तोहफुल-उक़ूल, पेज 304

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