हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत मुस्तद्रक अल वसाइल किताब से ली गई है। इस रिवायात का पाठ इस प्रकार हैः
امام صادق علیهالسلام:
اَیُّما مُؤمِنٍ نَفَّسَ عَن مُؤمِنٍ کُربَةً، نَفَّسَ اللّهُ عَنهُ سَبعینَ کُربَةً مِن کُرَبِ الدُّنیا وَ کُرَبِ یَومِ القِیامَةِ
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) फ़रमाते हैं:
"जो कोई मोमिन (आस्तिक) दूसरे मोमिन की कोई मुसीबत या परेशानी दूर करता है, तो अल्लाह उससे दुनिया की मुसीबतों और क़यामत के दिन की आफतों में से सत्तर मुसीबतें दूर कर देता है।"
मुस्तद्रक अल वसाइल, भाग 12, पेज 413
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