हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत वसाइल उश शिया किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
پیامبر اکرم صلی الله علیه و آله و سلم:
نْ غَشَّ الْمُسْلِمِینَ فِی بَیْعٍ أَوْ شِرَاءٍ فَلَیْسَ مِنَّا، وَیُحْشَرُ یَوْمَ الْقِیَامَةِ مَعَ الْیَهُودِ، لِأَنَّهُمْ أَغَشُّ النَّاسِ لِلْمُسْلِمِینَ
पैग़म्बर-ए-इस्लाम (स) ने फरमाया:
"जो कोई भी खरीदने या बेचने में मुसलमानों के साथ धोखाधड़ी करता है, वह हम में से नहीं है, और क़यामत के दिन वह यहूदियों के साथ उठाया जाएगा, क्योंकि यहूदी मुसलमानों के प्रति सबसे अधिक धोखा देने वाले लोग हैं।"
वसाइल उश शिया, भाग 2, पेज 562
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