हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, क़ुम के सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यटन विभाग के महानिदेशक बेहज़ाद अहमदी फ़ारसानी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शहीद रहबर की अंतिम यात्रा के अवसर पर ज़ायरीन के ठहरने के लिए व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि क़ुम में होटलों, गेस्ट हाउसों, सरकारी आवासीय केंद्रों और अन्य स्थानों पर आधिकारिक रूप से 16,500 बिस्तरों की व्यवस्था है, जहाँ लगभग 2,000 अंतरराष्ट्रीय अतिथियों और विशिष्ट मेहमानों को ठहराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मदरसों, हौज़ा-ए-इल्मिया, इमामबारगाहों, धार्मिक स्थलों, खेल परिसरों तथा अन्य सार्वजनिक केंद्रों को शामिल करते हुए कुल 8 लाख 26 हज़ार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए कंबल, चटाइयाँ, पीने का पानी तथा अन्य आवश्यक सामान भी उपलब्ध कराया गया है।
बेहज़ाद अहमदी फ़ारसानी ने बताया कि अब तक शहीद रहबर की अंतिम यात्रा में भाग लेने के लिए 2 लाख से अधिक विदेशी ज़ायरीन पंजीकरण करा चुके हैं और उनके ठहरने तथा सेवा के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि 45 सरकारी संस्थाएँ, वक़्फ़ विभाग, हौज़ा-ए-इल्मिया, निजी क्षेत्र और सामाजिक संगठन इस विशाल आयोजन में अपनी सेवाएँ देंगे। शहर के प्रवेश मार्गों पर 8 मार्गदर्शन केंद्र स्थापित किए जाएँगे, जबकि लोगों की सहायता के लिए एक विशेष हेल्पलाइन भी सक्रिय रहेगी।
उन्होंने आगे बताया कि क़ुम के लगभग 30 हज़ार परिवारों ने स्वेच्छा से ज़ायरीन की मेज़बानी करने की इच्छा व्यक्त की है। लोगों से अपील की गई है कि वे "हर घर, आका-ए-शहीद का एक मौकिब" अभियान में शामिल होकर देश और विदेश से आने वाले ज़ायरीन की सेवा में भाग लें।
अंत में उन्होंने ज़ायरीन से अनुरोध किया कि बेहतर सुविधा के लिए अपने साथ व्यक्तिगत उपयोग का आवश्यक सामान, जैसे यात्रा के लिए कंबल, नमाज़ की जानमाज़ या चटाई तथा पीने का पानी अवश्य रखें।
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