शुक्रवार 3 जुलाई 2026 - 11:44
क़ुम मुकद्दसा में शहीद सुप्रीम लीडर (र) की अंतिम यात्रा के अवसर पर 1200 सेवा शिविर लगाए जाएंगे

क़ुम के इस्लामी प्रचार संगठन के महानिदेशक ने शहीद सुप्रीम लीडर (र) की अंतिम यात्रा के अवसर पर ज़ायरीन की सेवा के लिए 1200 सेवा शिविर लगाए जाने की जानकारी दी।

 हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, क़ुम के इस्लामी प्रचार संगठन के महानिदेशक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शाबानज़ादे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि क़ुम शहर को ज़ायरीन की व्यवस्था और सेवा के लिए पाँच कार्यक्षेत्रों में विभाजित किया गया है। पहला कार्यक्षेत्र: पैग़म्बर-ए-आज़म (स) मार्ग, दूसरा कार्यक्षेत्र: पैग़म्बर-ए-आज़म (स.) मार्ग और हरम शरीफ़ तक जाने वाली 17 सड़कों के बीच का इलाक़ा, तीसरा कार्यक्षेत्र: शहर के प्रवेश मार्गों तक जाने वाली सड़कें, चौथा कार्यक्षेत्र: शहर के प्रवेश द्वार, और पाँचवाँ कार्यक्षेत्र: शहर के बाहर स्थित पार्किंग स्थल। इन पाँचों क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए कुल 1200 से अधिक सेवा शिविर लगाए जाएंगे।

उन्होंने आगे कहा कि इन सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए 1 करोड़ 50 लाख से अधिक मिनरल वाटर की बोतलें और 30 लाख हल्के भोजन वितरित करने की योजना बनाई गई है। इन 1200 से अधिक सेवा शिविरों में से 45 शिविर गैर-ईरानी लोगों और समूहों के हैं, 155 शिविर अन्य प्रांतों से आए हैं, जबकि शेष सभी क़ुम प्रांत के हैं।

क़ुम मुकद्दसा में शहीद सुप्रीम लीडर (र) की अंतिम यात्रा के अवसर पर 1200 सेवा शिविर लगाए जाएंगे

हुज्जतुल इस्लाम शाबानज़ादे ने आगे कहा कि सभी सेवा शिविरों के स्थान हरम शरीफ़ तक जाने वाली 17 सड़कों और पैग़म्बर-ए-आज़म (स) मार्ग पर सुरक्षा अधिकारियों की पूरी निगरानी में निर्धारित किए गए हैं। सेवा शिविरों की स्थापना शनिवार से शुरू होगी और मुख्य सेवाएँ सोमवार को प्रदान की जाएँगी।

उन्होंने इस अवसर पर मस्जिदों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि क़ुम शहर की 550 मस्जिदों को पूरी तरह तैयार कर दिया गया है। छह बैठकों के माध्यम से इमाम-ए-जमाअत और मस्जिदों के ट्रस्टियों के प्रतिनिधियों को उनकी ज़िम्मेदारियों और कार्ययोजना की जानकारी भी दे दी गई है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा 70 हुसैनिया और इमामबाड़ों को भी सेवा के लिए तैयार किया गया है तथा सभी मस्जिदों और हुसैनियाओं की जिम्मेदारियाँ निर्धारित कर दी गई हैं। साथ ही, पहले चरण में 50 से अधिक धार्मिक संगठनों को श्रद्धालुओं के ठहरने और उनकी सेवा के लिए तैयार किया गया है। लगभग 1000 सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं को 50 से अधिक मोहल्लों में लगभग 20 हजार घरों का दौरा कर सीधे लोगों से संपर्क करने और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था में जनसहभागिता सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

क़ुम के इस्लामी प्रचार संगठन के महानिदेशक ने कहा कि इंशाअल्लाह सभी सेवा शिविर पूरी लगन से सेवा करेंगे, मस्जिदें सहयोग देंगी, महिलाएँ जनसहभागिता को बढ़ावा देंगी और मीडिया इस महान आयोजन को पूरी दुनिया तक पहुँचाएगा।

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