हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, क़ुम प्रांत में इस्लामी प्रचार संगठन के महानिदेशक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन शाबानज़ादा ने शहीद रहबर की अंतिम यात्रा की तैयारियों के संबंध में मौकिब आयोजकों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि देश के 20 प्रांतों से लगभग 50 लाख ज़ायरीन के क़ुम पहुँचने की उम्मीद है। इसके अलावा क़ुम और उसके आसपास के लगभग 10 लाख निवासी भी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि ज़ायरीन का आना अंतिम यात्रा से एक रात पहले ही शुरू हो जाएगा। फ़ज्र की नमाज़ बुलवार-ए-पयाम्बर-ए-आज़म पर लगभग 6 से 7 किलोमीटर लंबी नमाज़ी पंक्तियों के साथ अदा की जाएगी। इसके बाद शहीद रहबर के पवित्र पार्थिव शरीर को मस्जिद जमकरान के सहन-ए-इमाम महदी में ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ज़ायिर को लगभग 20 किलोमीटर पैदल चलना होगा, जबकि उस समय तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक हो सकता है।
शाबानज़ादा ने कहा कि मौकिबों की ओर से 1 करोड़ से 1.5 करोड़ पानी की बोतलों की व्यवस्था की सूचना दी गई है। फिर भी सभी मौकिबों को कम-से-कम डेढ़ से दो दिन तक लगातार सेवा देने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि पानी, हल्का भोजन, शरबत, तरबूज़ और इसी प्रकार की ताज़गी देने वाली चीज़ों की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अंतिम यात्रा के मार्ग पर स्थित अपने घरों के दरवाज़े ज़ायरीन के लिए खोल दें, ताकि वे विश्राम कर सकें और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का उपयोग कर सकें। इसी प्रकार मस्जिदों, मदरसों और सरकारी संस्थानों को भी सेवा केंद्रों के रूप में सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि क़ुम के निवासी स्वयं को मेहमान नहीं, बल्कि मेज़बान समझें, ताकि सभी के सहयोग से शहीद रहबर की यह ऐतिहासिक और गरिमामय अंतिम यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
आपकी टिप्पणी