गुरुवार 2 जुलाई 2026 - 17:01
आयतुल्लाह सईदी: शहीद सुप्रीम लीडर की अंतिम यात्रा जनता की विलायत, इस्लामी क्रांति और शहीदों के प्रति निष्ठा का प्रतीक होगी

क़ुम के इमाम जुमा आयतुल्लाह सय्यद मुहम्मद सईदी ने कहा है कि शहीद रहबर की अंतिम यात्रा केवल एक जनाज़े की रस्म नहीं होगी, बल्कि यह ईरानी राष्ट्र द्वारा विलायत, इस्लामी क्रांति और शहीदों के मिशन के प्रति अपनी निष्ठा और प्रतिबद्धता को पुनः व्यक्त करने का व्यावहारिक प्रदर्शन होगी।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, क़ुम के इमाम जुमा तथा हरम-ए-हज़रत मासूमा के संरक्षक आयतुल्लाह सय्यद मुहम्मद सईदी ने प्रांतीय प्रशासनिक परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए शहीद रहबर, सैन्य कमांडरों, वैज्ञानिकों, मासूम बच्चों तथा हालिया हमलों में शहीद हुए सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके उच्च आध्यात्मिक दर्जे के लिए प्रार्थना की।

उन्होंने कहा कि पवित्र क़ुरआन की शिक्षाओं के अनुसार शहीद मरते नहीं, बल्कि जीवित रहते हैं और अपने पालनहार के पास रोज़ी प्राप्त करते हैं। यही इस्लामी संस्कृति शहादत को एक सम्मानपूर्ण और शाश्वत जीवन की शुरुआत मानती है।

आयतुल्लाह सईदी ने कहा कि शत्रु भली-भाँति जानता है कि ईरान की शक्ति का रहस्य जनता का विलायत और इस्लामी क्रांति के साथ उसका मज़बूत संबंध है। इसी कारण उसने रहबर, सैन्य कमांडरों, वैज्ञानिकों और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों को निशाना बनाकर राष्ट्र का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन ईरानी जनता ने अपनी दूरदर्शिता और एकता के बल पर इस षड्यंत्र को विफल कर दिया।

उन्होंने सशस्त्र बलों की कार्रवाइयों की सराहना करते हुए कहा कि उनके दृढ़ और निर्णायक उत्तर ने शत्रु के सभी अनुमान गलत सिद्ध कर दिए और उसे गंभीर विफलता का सामना करना पड़ा।

क़ुम के इमाम जुमा ने शहीद सुप्रीम लीडर की अंतिम यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल विदाई का समारोह नहीं होगा, बल्कि ईरानी राष्ट्र द्वारा विलायत, इस्लामी क्रांति और शहीदों के मिशन के प्रति अपनी निष्ठा के नवीनीकरण का अवसर होगा। उन्होंने कहा कि इस समारोह में जनता का प्रत्येक कदम इस्लामी क्रांति और प्रतिरोध के मार्ग के समर्थन की घोषणा होगा तथा दुनिया को यह संदेश देगा कि ईरानी राष्ट्र हर प्रकार की धमकी और दबाव के बावजूद अपने सिद्धांतों पर अडिग है।

उन्होंने अंत में कहा कि आशूरा की संस्कृति ईरानी राष्ट्र को अत्याचार के विरुद्ध धैर्य, त्याग और सम्मान का पाठ पढ़ाती रहेगी, और ईरानी जनता एकता, दूरदर्शिता तथा विलायत के अनुसरण के साथ शहीदों के मार्ग पर आगे बढ़ती रहेगी।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha