हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "अल-काफ़ी" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
قال الامام الصادق عليه السلام:
إِذَا أُدْخِلَ الْمُؤْمِنُ قَبْرَهُ نُودِیَ: أَلَا إِنَّ أَوَّلَ حِبَائِکَ الْجَنَّةُ، وَحِبَاءَ مَنْ تَبِعَکَ الْمَغْفِرَةُ
इमाम सादिक़ (अ) ने फ़रमाया:
"जब मोमिन को कब्र में उतारा जाता है, तो उसे पुकारा जाता है: सुनो! तुम्हारा पहला उपहार जन्नत है, और तुम्हारे जनाज़े के पीछे चलने वालों के लिए उपहार मग़फ़ेरत है।"
अल-काफ़ी, भाग 3, पेज 172
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