हौज़ा न्यूज़ एजंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत अल काफ़ी किताब से ली गई हैः इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
امام کاظم علیهالسلام:
یَنْبَغِی لِمَنْ عَقَلَ عَنِ اللَّهِ أَنْ لاَ یَسْتَبْطِئَهُ فِی رِزْقِهِ وَ لاَ یَتَّهِمَهُ فِی قَضَائِهِ
इमाम मूसा काज़िम (अ) ने फ़रमाया:
“जो व्यक्ति अल्लाह को सही मायनों में पहचानता है, उसे न तो यह समझना चाहिए कि अल्लाह उसकी रोज़ी पहुँचाने में देर कर रहा है, और न ही उसे अल्लाह के फ़ैसलों और तक़दीर के बारे में बदगुमानी करनी चाहिए।”
अल काफ़ी, भाग 2, पेज 61।
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