हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार निम्नलिखित रिवायत "नहजुल बलाग़ा" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امیرالمؤمنین علی علیهالسلام:
اعْقِلُوا الْخَبَرَ إِذَا سَمِعْتُمُوهُ عَقْلَ رِعَایَةٍ لَا عَقْلَ رِوَایَةٍ، فَإِنَّ رُوَاةَ الْعِلْمِ کَثِیرٌ وَرُعَاتَهُ قَلِیلٌ.
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ) ने फ़रमाया:
"जब कोई बात सुनो तो उसे केवल याद करके आगे सुनाने के लिए नहीं, बल्कि अच्छी तरह समझने और उस पर विचार करने के उद्देश्य से सुनो। क्योंकि ज्ञान को केवल आगे पहुँचाने वाले तो बहुत हैं, लेकिन उस पर चिंतन करने और उसकी सही तरह से रक्षा करने वाले बहुत कम हैं।"
नहजुल बलाग़ा, हिकमत 98।
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