हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के कायदे मिल्लत-ए-जाफरिया अल्लामा सय्यद साजिद अली नकवी ने समापन समारोह में विशेष रूप से भाग लिया और अध्यक्षीय संबोधन किया। उन्होंने शैक्षिक और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा युवा छात्र-छात्राओं की शैक्षिक क्षमताओं को सामने लाने के लिए जामिया अल-मुस्तफ़ा अल-आलमिया की पाकिस्तान शाखा के प्रयासों की सराहना की।
अल्लामा सय्यद साजिद अली नकवी ने कहा कि युवा पीढ़ी का शैक्षिक और बौद्धिक प्रशिक्षण तथा उन्हें धार्मिक ज्ञान से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। मदरसों के बीच शैक्षिक संबंधों और स्वस्थ शैक्षिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने से छात्र-छात्राओं की क्षमताओं को और निखारने में मदद मिल सकती है।
समापन समारोह के अवसर पर अंतर-मदरसा शैक्षिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के बीच आकर्षक पुरस्कार और सम्मान भी वितरित किए गए।
वक्ताओं ने छात्रों की शैक्षिक क्षमता बढ़ाने और मदरसों के बीच शैक्षिक एवं बौद्धिक संबंधों को मजबूत करने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताओं को महत्वपूर्ण बताया।
समारोह में जामेआ तुल-मुस्तफ़ा अल-आलमिया की पाकिस्तान शाखा के प्रभारी मौलाना अनीसुल हसनैन खान, वरिष्ठ धर्मगुरु अल्लामा मलिक एजाज़ हुसैन नजफी, अल्लामा इफ्तिखार नकवी, शेख शब्बीर हसन मैसमी, अल्लामा शेख इसहाक नजफी, अल्लामा अनवर नजफी सहित अन्य उलेमा, विद्वानों, शिक्षकों और सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं की शैक्षिक क्षमताओं, धार्मिक अध्ययन और शोध के प्रति रुचि की सराहना की गई। वहीं आयोजकों की ओर से अंतर-मदरसा शैक्षिक प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन और समापन समारोह की व्यवस्थाओं पर भी संतोष व्यक्त किया गया।
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