सोमवार 7 सितंबर 2026 - 05:32
एक बात से जन्नत से दूर हो जाना

पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में ज़बान की हिफाज़त करने और गलत बात कहने के परिणाम की ओर ध्यान दिलाया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘मीज़ानुल हिकमा’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

پیامبر خدا صلی‌الله‌علیه‌وآله:

إِنَّ الرَّجُلَ لَیَدْنُو مِنَ الْجَنَّةِ حَتَّی مَا یَکُونُ بَیْنَهُ وَبَیْنَهَا إِلَّا قِیدُ رُمْحٍ، فَیَتَکَلَّمُ بِالْکَلِمَةِ فَیَتَبَاعَدُ مِنْهَا أَبْعَدَ مِنْ صَنْعَاءَ

पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स) ने फरमाया:

“इंसान कभी-कभी जन्नत के इतना करीब पहुंच जाता है कि उसके और जन्नत के बीच केवल एक भाले जितनी दूरी रह जाती है। फिर वह ऐसी बात कह देता है और जन्नत इतनी दूर हो जाती है, जितनी दूरी सन्आ से है।”

मीज़ानुल हिकमा, भाग 2, पेज 1081

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