हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , अलमसीरा के हवाले से बताया कि यमन के सशस्त्र बलों की ओर से जारी बयान को प्रवक्ता याह्या सरीअ ने कहां, पहला सैन्य अभियान यनबू स्थित अरामको की सुविधाओं के खिलाफ दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से किया गया, जबकि दूसरा अभियान ख़मीस मुशैत एयरबेस को कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाकर किया गया।
बयान में कहा गया कि आपराधिक सऊदी दुश्मन पिछले 12 वर्षों से हमारे देश और जनता के खिलाफ अपने अन्यायपूर्ण आक्रमण और क्रूर नाकाबंदी को जारी रखे हुए है। इस सप्ताह उसने अपने हमलों को और तेज कर दिया है और यमन पर 450 से अधिक हवाई हमले किए हैं।
याह्या सरीअ ने कहा कि हमारे देश और जनता के खिलाफ इस क्रूर आक्रमण के जवाब में यमन के सशस्त्र बलों ने अल्लाह की मदद से दो महत्वपूर्ण सैन्य अभियान चलाए।
उन्होंने कहा कि पहले अभियान में यनबू स्थित अरामको की सुविधाओं को दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया। उनके दावे के अनुसार, यह हमले सटीक और सीधे थे, जिससे बड़े पैमाने पर आग लगी और व्यापक नुकसान हुआ।
उन्होंने बताया कि दूसरे अभियान में ख़मीस मुशैत एयरबेस को कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया और दावा किया कि यह हमला भी सटीक था।
यमन के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि यमनी सेना अपने देश और जनता की रक्षा जारी रखेगी और अल्लाह की मदद तथा उस पर भरोसा करते हुए सऊदी दुश्मन को कभी न भूलने वाले सबक सिखाएगी।
उन्होंने कहा कि यमनी बल सऊदी अरब की गहराई में अपने सैन्य अभियानों को जारी रखेंगे और सऊदी समर्थित लड़ाकों के जमावड़े वाले केंद्रों को निशाना बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि नाकाबंदी के बदले नाकाबंदी और बढ़ोतरी के बदले बढ़ोतरी की नीति तब तक जारी रहेगी, जब तक यमन के खिलाफ आक्रमण बंद नहीं किया जाता और देश पर लगी नाकाबंदी समाप्त नहीं होती।
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