शुक्रवार 25 सितंबर 2026 - 11:18
शरई अहकाम । पहली जमाअत के स्थान पर दूसरी नमाज़ ए जमाअत का हुक्म 

हज़रत आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी ने “पहली नमाज़ ए जमाअत के स्थान पर दूसरी नमाज़ ए जमाअत” के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दिया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी ने “पहली नमाज़ ए जमाअत के स्थान पर दूसरी नमाज़ ए जमाअत” के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दिया है, जिसे इच्छुक पाठकों के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।

पहली जमाअत के स्थान पर दूसरी नमाज़ ए जमाअत 

सवाल: जिस स्थान पर नमाज़ ए जमाअत पहले हो चुकी हो, वहां दूसरी नमाज़ ए जमाअत पढ़ने का क्या हुक्म है?

जवाब: ऐसी दूसरी जमाअत उचित नहीं है और एकता के निर्देश के खिलाफ है। यदि इससे पहली जमाअत या उसके इमाम का अपमान होता हो, तो उनकी नमाज़ बातिल है।

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