हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाह वहीद ख़ुरासानी ने “मां के वतन में संतान की नमाज़” से संबंधित एक सवाल का जवाब दिया है, जिसे पाठकों की सेवा में प्रस्तुत किया जा रहा है।
मां के वतन में संतान की नमाज़
सवाल: मां के वतन में संतान की नमाज़ का क्या हुक्म है?
जवाब: अगर संतान अभी आत्म निर्भर नहीं हुई है और मां की देखरेख में है तथा उसके साथ रहती है, तो मां के पुराने और वर्तमान वतन में उसकी नमाज़ का हुक्म पिता के पुराने और वर्तमान वतन के समान है।
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