शनिवार 3 अक्टूबर 2026 - 12:28
शरई अहकाम | कंपनियों के इज़रायली होने के बारे में जांच-पड़ताल

शरई अहकाम के विशेषज्ञ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के लिए यह बात निश्चित और स्पष्ट हो जाए कि कोई कंपनी इज़रायली है, तो उससे खरीदारी करना जायज़ नहीं है। लेकिन केवल संदेह या संभावना की स्थिति में खरीदारी करने में कोई हर्ज नहीं है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायली शासन से संबंधित वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री के शरई हुक्म के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में मरजा-ए-तक़लीद के फ़तवों से पता चलता है कि ऐसा कोई भी आर्थिक लेन-देन, जिससे इस शासन को मजबूती मिलती हो, जायज़ नहीं है और मुकल्लफ़ों को इससे बचना चाहिए।

हुज्जतुल इस्लाम अमीनी ने इस संबंध में शरई अहकाम के विशेषज्ञ के रूप में जवाब देते हुए कहा:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

इज़रायली शासन से संबंधित वस्तुओं की खरीद-बिक्री के अहकाम के बारे में चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि जिन कंपनियों का मुनाफा इज़रायली शासन को सहायता पहुंचाता है, उनसे खरीदारी नहीं करनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की मदद न हो। यह बात सही है। लेकिन यह पता लगाने के मामले में कि कौन-सी कंपनी ज़ायोनी है और कौन-सी नहीं, लोगों के बीच काफी मतभेद पाए जाते हैं और कई लोगों के लिए यह स्पष्ट नहीं होता कि कोई विशेष कंपनी इज़रायली है या नहीं।

इस संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं।

पहली बात

शहीद सुप्रीम लीडर के इस्तिफ़्ताआत में इस बात की ओर संकेत किया गया है कि जिस खरीदारी को हराम या जायज़ न होने की बात कही गई है, वह उस स्थिति से संबंधित है जब व्यक्ति को पूरा विश्वास हो और जांच-पड़ताल के बाद यह बात उसके लिए स्पष्ट हो चुकी हो कि उदाहरण के लिए ‘अलिफ़’ कंपनी एक ज़ायोनी कंपनी है। ऐसी स्थिति में उससे खरीदारी नहीं करनी चाहिए।

लेकिन कभी-कभी किसी व्यक्ति को केवल संदेह होता है या 80-90 प्रतिशत संभावना लगती है कि कोई कंपनी इज़रायली है। उसने इसके बारे में इधर-उधर से कुछ बातें सुनी होती हैं, लेकिन उसे पूरा विश्वास नहीं होता। शहीद सुप्रीम लीडर के अनुसार, ऐसी स्थिति में कोई हर्ज नहीं है। जब तक व्यक्ति को निश्चित रूप से यह मालूम न हो कि कोई कंपनी, कॉस्मेटिक वस्तु, पेय या खाद्य पदार्थ वास्तव में इज़रायली कंपनियों को आर्थिक लाभ पहुंचा रहा है, तब तक केवल लोगों से सुनी हुई बातों और संदेह के आधार पर खरीदारी को नाजायज़ नहीं कहा जाएगा।

दूसरी बात

जांच-पड़ताल करना भी अनिवार्य नहीं है। यानी यदि कोई व्यक्ति कहे कि मुझे मालूम नहीं है, तो क्या मेरे लिए यह पता लगाने के लिए जांच करना जरूरी है कि संबंधित कंपनी इज़रायली है या नहीं? इसका जवाब है कि ऐसा करना जरूरी नहीं है।

हालांकि यह निश्चित रूप से अच्छी बात है कि व्यक्ति जानकारी हासिल करे, जांच-पड़ताल करे और सावधानी बरते, लेकिन यदि किसी मामले में उसे जानकारी नहीं है तो वह अपनी खरीदारी कर सकता है और उसके लिए जांच करना अनिवार्य नहीं है।

वैश्विक बहिष्कार समिति की सूची

इसी संदर्भ में एक और बात उल्लेखनीय है कि ‘ज़ायोनी शासन के वैश्विक बहिष्कार के लिए समिति’ नामक एक संस्था है, जिसने उन कंपनियों की सूची तैयार की है जिनके इज़रायली होने की पुष्टि हुई है। मैंने देखा है कि सरकारी सूचना केंद्र की वेबसाइट पर भी इस शीर्षक को खोजने पर यह जानकारी उपलब्ध है। इसमें उन कंपनियों के नाम दिए गए हैं जिन्हें निश्चित रूप से इज़रायली कंपनियों के रूप में चिन्हित किया गया है।

इनमें कुछ कंपनियां वस्तुओं, खाद्य पदार्थों और कॉस्मेटिक उत्पादों की खरीद-बिक्री से संबंधित हैं, जबकि कुछ कंपनियां विभिन्न सेवाएं प्रदान करती हैं। इच्छुक लोग सरकारी सूचना केंद्र की वेबसाइट से यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और संबंधित कंपनियों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

हालांकि यदि किसी मामले में व्यक्ति को यह पता नहीं है कि संबंधित कंपनी इज़रायली शासन से जुड़ी है या नहीं, तो ऐसी स्थिति में उसके लिए उस कंपनी से खरीदारी करना संभव है।

इंशाअल्लाह, आप सफल और कामयाब रहें। अल्लाह की पनाह में रहें।

वस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुह।

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