हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘बिहार उल अनवार’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امیرالمؤمنین امام علی علیهالسلام:
اتَّقُوا مَعَاصِیَ اللَّهِ فِی الْخَلَوَاتِ، فَإِنَّ الشَّاهِدَ هُوَ الْحَاکِمُ.
हज़रत अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ) ने फ़रमाया:
अपने एकांत में भी अल्लाह की अवज्ञा और गुनाहों से बचो, क्योंकि जो तुम्हारे कर्मों का गवाह है, वही तुम्हारा फैसला करने वाला भी है।
बिहार उल अनवार, भाग 78, पेज 70, हदीस 25
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