हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘अल-अमाली शेख तूसी’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام حسین علیهالسلام:
لَا یَحِلُّ لِعَیْنٍ مُؤْمِنَةٍ تَرَی اللَّهَ یُعْصَی فَتَطْرِفَ حَتَّی تُغَیِّرَهُ.
इमाम हुसैन (अ) ने फ़रमाया:
किसी मोमिन के लिए यह उचित नहीं है कि वह अपनी आँखों के सामने अल्लाह की अवज्ञा होते देखे और आँखें फेर ले, बल्कि उस स्थिति को बदलने का प्रयास करे।
अल-अमाली, शेख़ तूस़ी, पेज 55
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