शनिवार 7 नवंबर 2026 - 05:24
दिन की हदीस | सांसारिक सुख समाप्त हो जाते हैं, लेकिन उनके परिणाम बाकी रहते हैं

अमीरुल मोमिनीन हज़रत इमाम अली (अ) ने एक हदीस में दुनिया के सुखों की नश्वरता और कर्मों के परिणामों के स्थायी रहने की ओर संकेत किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार निम्नलिखित रिवायत ‘नहजुल बलाग़ा’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امیرالمؤمنین امام علی علیه‌السلام:

اُذْکُرُوا انْقِطَاعَ اللَّذَّاتِ وَبَقَاءَ التَّبِعَاتِ.

अमीरुल मोमिनीन हज़रत इमाम अली (अ) ने फ़रमाया:

याद रखो कि दुनिया के सुख समाप्त हो जाने वाले हैं, जबकि उनके बुरे परिणाम बाकी रहने वाले हैं।

नहजुल बलाग़ा, हिकमत 433

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