हौज़ा / इमाम मौहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम के लिए मामून ने एक मुनाज़ेरा रखा जिसमें आपका मुक़ाबला एक बहुत बड़े आलिम से था। इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम के सवालों को सुन कर याहिया का मुंह खुला रह गया।
हौज़ा / लोग ख़ानदाने पैग़म्बर को सियासत के मैदान में हाज़िर समझे और यह गुमान न करे कि ख़ानदानें पैग़म्बर सिर्फ़ उलेमा व फ़ोक़हा है और यह लोग सियासत के मैदान में बिल्कुल नहीं है। इमाम रज़ा ने अपने…
हौज़ा / मजलिस मे इमाम के फज़ाएल मसाएब बयान किये गऐ और इमाम की इल्मि शख्सियत पर रोशनी डाली गई और बताया कि इमाम के चार हज़ार शागिर्दो मे अहलेसुन्नत के इमाम भी दाखिल हैं|