आयतुल्लाह बहजत (10)
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अम्बा चौक भावनगर गुजरात, ख़ोजा जामा मस्जिद में ख़ुत्बा-ए-जुमाः
भारततक़वा, फ़राइज़ की पाबंदी और गुनाहों से दूरी ही सच्ची इबादत हैः मौलाना सय्यद तहक़ीक़ हुसैन
अम्बा चौक स्थित ख़ोजा शिया इस्ना अशरी जामा मस्जिद में 18 सितंबर 2026 को ख़ुत्बा-ए-जुमा के दौरान मौलाना सय्यद तहक़ीक़ हुसैन ने तक़वा, फ़राइज़ की पाबंदी, हराम से बचने और नफ़्स के ख़िलाफ़ जिहाद…
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आयतुल्लाह मुहम्मद तक़ी बहजत (र)
उलेमा और मराजा ए इकरामइंसान की सफलता का सीधा संबंध सच्ची बंदगी की हक़ीक़त को तलाश करने और उसे हासिल करने से है
इंसान की सफलता का सीधा संबंध सच्ची बंदगी की हक़ीक़त को तलाश करने और उसे हासिल करने से है। बंदगी केवल दावा या नारा नहीं है, बल्कि यह ऐसी उपलब्धि है, जो गहरे विश्वास और अंगों के अमल में दिखाई देती…
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उलेमा और मराजा ए इकराम“बहजतुद्दुआ” में अल्लाह से मोहब्बत बढ़ाने के लिए आयतुल्लाह बहजत की सलाह
हज़रत आयतुल्लाह मुहम्मद तक़ी बहजत ने अपनी किताब “बहजतुद्दुआ” के एक हिस्से में इस बात पर ज़ोर दिया है कि ज़िक्र और आध्यात्मिक आदाब में अल्लाह से मोहब्बत बढ़ाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा सलवात…
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आयतुल्लाह बहजत (र)
उलेमा और मराजा ए इकराम9 रबीउल अव्वल; अगर वास्तव में अहलेबैत (अ) की सेवा करना चाहते हो तो यह काम करो!
9 रबीउल अव्वल उन अवसरों में से है, जिनके बारे में अलग-अलग विचार और दृष्टिकोण व्यक्त किए गए हैं। आयतुल्लाह बहजत (रह.) ने भी अपने बयानों में इस दिन और इस अवसर पर अपनाए जाने वाले व्यवहार के बारे…
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उलेमा और मराजा ए इकरामआयतुल्लाह बहजत के अनुसार इमामे ज़माना (अ) के दीदार की वास्तविक शर्त
हज़रत आयतुल्लाह जवादी आमोली ने आयतुल्लाह बहजत के कथन में इमामे ज़माना (अ) की सेवा में उपस्थित होने की हकीकत को बयान करते हुए कहा कि वास्तविक उद्देश्य यह होना चाहिए कि इमामे ज़माना (अ) हमें देखें,…
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म्यांमार के सुन्नी विद्वान:
धार्मिकविद्वानों के वाक़ेआत | इमाम हुसैन (अ) की मजलिस मे आने वाले अज़ादारो का सम्मान
आयतुल्लाह बहजत (र) इमाम हुसैन (अ) की मजलिसों में स्वयं कई काम किया करते थे। वे दरवाज़े के पास खड़े होकर आने वाले अज़ादारो का सम्मान करते थे, मेहमाननवाज़ी और स्वागत की व्यवस्था की निगरानी करते…
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गैलरीवीडियो / मरहूम आयतुल्लाहिल उज़्मा बहजत की बरसी के अवसर पर एक ऐतिहासिक वीडियो क्लिप जारी
यह ऐतिहासिक वीडियो हिजरी शम्सी सन 1380 (लगभग 25 वर्ष पूर्व) के समय का है, जब क़ुम में हज़रत मासूमा (स) के पवित्र रौज़े की ज़रीह मुबारक स्थापित की जा रही थी। उस समय रब्बानी आरिफ़, हज़रत आयतुल्लाहिल…
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उलेमा और मराजा ए इकरामइमाम ज़माना (अ) की निगाह में पसंदीदा अमल
एक बुज़ुर्ग को शरफ़-ए-मुलाकात हासिल हुआ, मगर वह जान न सके कि सामने कौन है। इमाम ज़माना (अ) ने खुद उन्हें बताया कि मेरी निगाह में सबसे ज़्यादा पसंदीदा अमल यह है कि अज़ान की पहली आवाज़ पर "अल्लाहुम्मा…
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उलेमा और मराजा ए इकरामआप रोज़े से हैं या नहीं??? एक ऐसा सवाल जो हराम हो सकता है
हौज़ा / मरहूम आयतुल्लाह मुजतहिदी तेहरानी ने अपनी एक तक़रीर में बे-जा सवालात और उनके गुनाह-आलूद नताइज की तरफ़ तवज्जोह दिलाते हुए फ़रमाया कि इंसान को ऐसी बातें और सवालात छोड़ देने चाहिए जो उसके…
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उलेमा और मराजा ए इकरामराहे सआदत, तज़्किया नफ़्स से होकर गुज़रती है
हौज़ा /आयतुल्लाह बहजत ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया है कि पवित्र कुरान में, मुक्ति और सफलता तज़्किया नफ़्स से जुड़ी है, न कि सिर्फ़ इज्तिहाद या एकेडमिक डिग्री से।