नैतिकता का पाठ (20)
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आयतुल्लाह सैयद काज़िम नूर मुफीदी:
ईरानशिया-सुन्नी एकता, दुश्मनों की साजिशों के खिलाफ एक मज़बूत ढाल है
हौज़ा / आयतुल्लाह सैयद काज़िम नूर मुफीदी ने कहा,शिया और सुन्नी के बीच एकता, दुश्मनों की साजिशों के खिलाफ एक मजबूत ढाल है।
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दरस-ए-अख़लाक़ः
धार्मिकअल्लाह की नेमतों को गुनाह में इस्तेमाल न करें
हौज़ा / इस बात का हमेशा ख़याल रखना चाहिए कि इन नेमतों को कैसे इस्तेमाल करें? आप की शारीरिक नेमत, आँख की नेमत, कान की नेमत, हाथ की नेमत, पांव की नेमत, ये सब अल्लाह की नेमतें हैं, वो नेमतें हैं…
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क़ुरआन की रौशनी में:
धार्मिकअगर आप अपने भीतर सार्थक बदलाव लाए तो अल्लाह आपके लिए सार्थक बदलाव वजूद में लाएगा
हौज़ा / इंसान अगर सही दिशा में क़दम उठाएं तो सही दिशा में आगे बढ़ेंगे और अगर ग़लत राह पर लग जाएं तो ग़लत राहों पर ही बढ़ते चले जाएंगे। क़ुरआन में इन दोनों ही बातों की ओर इशारा मौजूद है।
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इस्लामी घरानाः
धार्मिकइंसान की शख़्सियत समाज की संस्कृति की बुनियाद पर घर के माहौल में बनती है
हौज़ा / घर के माहौल में ही सबसे पहले एक शख़्स की पूरी शख़्सियत व हैसियत, उस समाज की सांस्कृतिक बुनियादों पर वजूद में आती है और यह माँ बाप ही हैं जो इस कर्तव्य को अच्छे से निभा सकते हैं।
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धार्मिकशरई अहकाम। साल के कितनो दिनो मे रोज़ा रखना मुस्तहब है ?
हौज़ा / इस्लामी गणतंत्र ईरान के सर्वोच्च नेता रहबरे मोअज़्ज़म ने साल के किन दिनों में रोज़ा रखना मुस्तहब है?इस इस्तिफ़्ता का उत्तर दिया है।
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हदीस की रौशनी में:
धार्मिकमुकम्मल तवज्जो दुआ की कुबूलीयत की शर्त है
हौज़ा / दुआ के क़ुबूल होने की एक शर्त यह है कि उसे पूरे ज़ेहन व दिल की पूरी तवज्जो से माँगें, कभी कभी सिर्फ़ ज़बान से कहा जाता है ए अल्लाह मुझे माफ़ कर दे, ऐ अल्लाह मेरी रोज़ी बढ़ा दे, ऐ अल्लाह…
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इस्लामी घराना:
धार्मिकमियां बीवी के रोल में बदलाव ग़लत है
हौज़ा / कुछ ग़लत नज़रिए, जो औरतों से मख़सूस नहीं हैं, मर्द भी कभी कभी उन्हीं मतों का पालन करते हैं और यह कहना चाहते हैं कि आइये इस तराज़ू (के पलड़ों) की चीज़ें (मर्द और औरत के रोल) आपस में बदल…
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बच्चे और महिलाएंधर्म के प्रति गहरी समझ अल्लाह की ओर से भलाई का प्रतीक है, डॉ. सय्यदा तस्नीम मूसावी
हौज़ा / जामिआ अल-मुस्तफ़ा कराची में डॉक्टर सैय्यदा तसनीम ज़हरा मूसीवी ने दरस-ए-अख़लाक़ में “रूहानी बीमारी की पहचान और इलाज” के विषय पर भाषण दिया। उन्होंने इस्लामी हदीस— पैग़म्बर सल्लल्लाहो अलैहे…
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इस्लामी घराना:
धार्मिकग़लत तरबियत बच्चों का अधिकार छीन लेना है
हौज़ा / आज के दौर में जहाँ शिक्षा और तकनीक तेज़ी से बढ़ रही है, वहीं कई बच्चे घरों और स्कूलों में अनुचित अनुशासन और हिंसा का शिकार हो रहे हैं ग़लत तरबियत बच्चों से उनका आत्मविश्वास, सुरक्षा और…
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भारतझूठ, ग़ीबत, तोहमत जैसे गुनाह करने वाला भी ज़ालिम है।मौलाना सैयद रूहे ज़फर रिज़वी
हौज़ा / मुंबई ख़ोजा शिया अस्ना-अशरी जामा मस्जिद, पाला गली में 24 अक्टूबर 2025 को नमाज़-ए-जुमआ हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लमीन मौलाना सैयद रूहे ज़फर रिज़वी साहब क़िब्ला की इमामत में अदा की गई।
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ईरान"इस्लाम और ईसाई धर्म में नैतिकता" पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र की घोषणा + विवरण
हौज़ा/ "इस्लाम और ईसाई धर्म में नैतिकता का तुलनात्मक अध्ययन" पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन सत्र गुरुवार, 24 मई 1404, अर्थात 16 अक्टूबर, 2025 को सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक…
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उलेमा और मराजा ए इकरामसमाज ज्ञान से नहीं, बल्कि नैतिकता से संचालित होता है: आयतुल्लाह जवादी आमोली
हौज़ा/ आयतुल्लाह जवादी आमोली ने "नैतिकता नामक कीमिया" विषय पर अपने व्याख्यान में कहा कि समाज की नींव ज्ञान पर नहीं, बल्कि नैतिकता पर आधारित है। पैगंबर मुहम्मद (स) ज्ञान में अद्वितीय थे, लेकिन…
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आयतुल्लाह शेख बहाई:
ईरानदुनयावी मामलों में दीनी मरजेईयत और विलायत का आधार आइम्मा (अ) के ज़माने से ही मौजूद था
हौज़ा/ आयतुल्लाह शेख बहाई ने कहा: मरजेईत के विलायत ए फ़क़ीह का मुद्दा आइम्मा (अ) के ज़माने से ही चला आ रहा है। इमाम हसन असकरी (अ) ने कहा, "علیک بالزکریا بن آدم المأمون علی الدین و الدنیا अलैका…
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धार्मिकहज़रत इमाम हसन अस्करी (अ) की जीवनी के कुछ पहलू
हौज़ा/ अल्लाह के चुने हुए नबियों और इमामों (अ) की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी अल्लाह के धर्म की रक्षा करना और उसके प्रचार के मार्ग पर कष्ट सहना है। इन्हीं महान हस्तियों में से एक हैं हज़रत इमाम हसन…
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दुनियाफिलिस्तीनी कौम न तो अपने अधिकारों से पीछे हटेंगा और न ही ज़ालिम हत्यारों के सामने सर झुकाएंगा। ज़ियाद नख़ाला
हौज़ा / तहरीक ए जिहाद ए इस्लामी फिलिस्तीन के महासचिव ने कहा कि नेतन्याहू की ओर से संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीनी जनता और प्रतिरोध के खिलाफ झूठ और धमकियाँ कोई नई बात नहीं हैं उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी…
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धार्मिकआमदनी मे वृद्धि पर शैक्षिक योग्यता और पेशेवर नैतिकता का प्रभाव
हौज़ा / शैक्षिक योग्यता के साथ ईमानदारी और पेशेवर नैतिकता से भौतिक और आध्यात्मिक समृद्धि का रास्ता खुलता है और व्यक्तिगत एवं सामाजिक विकास आसान होता है। इस तरह, इल्मी मेहनत और नैतिकता सीधे व्यक्ति…
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धार्मिकइत्तेहाद और एकता؛इस्लामी समाज की सबसे बड़ी ज़रूरत
हौज़ा / इस्लामी एकता का विषय हमेशा से ईरान की इस्लामी क्रांति के नेता इमाम ख़ामेनेई की चिंताओं में से एक रहा है। इस विषय को उनकी बातों और व्यवहारिक क़दमों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, यहां…
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इस्लामी घराना:
धार्मिकइस्लाम मर्द और औरत को उनके स्वभाव और प्राकृतिक तक़ाज़ों की बुनियाद पर देखता है
हौज़ा / इस्लाम ने मर्द को देखभाल करने वाला और औरत को ख़ुशबू क़रार दिया है। यह न तो औरत की शान में गुस्ताख़ी है और न ही मर्द की शान में। यह न तो औरत को हक़ से महरूम करना है और न मर्द का…
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दरस-ए-अख़लाक़ः
धार्मिकदुआ के साथ अमल उसके क़ुबूल होने की उम्मीद बढ़ा देता है
हौज़ा / दुआ करने के साथ-साथ उचित प्रयास करना भी ज़रूरी है अल्लाह तआला ने इंसान को सोच समझकर और मेहनत के साथ काम करने का हुक्म दिया है, और फिर उस पर भरोसा तवक्कुल करते हुए दुआ करने को कहा है।
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धार्मिकअमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) के अनुसार प्रभावी शिक्षा और प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु
हौज़ा / नहजुल-बलाग़ा की हिकमत संख्या 73 में, इमाम अली (अ) ने दूसरों को प्रशिक्षण देने से पहले आत्म-सुधार पर ज़ोर दिया है। उन्होंने कहा है कि जो व्यक्ति शासक और जनता का नेता है, उसे पहले स्वयं…