हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, तेहरान के अस्थायी इमाम ए जुमआ हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन काज़िम सिद्दीकी ने जुमआ के खुतबे में शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह की तशीअ को एक महान जनमत संग्रह करार दिया उन्होंने कहा कि शहीद नसरुल्लाह ऐसी शख्सियत थे कि उनकी एक तकरीर ही सियूनियों को बेबस कर देती थी और उनका खून उनके हथियारों से ज्यादा असर रखेगा।
तेहरान की जामा मस्जिद में खिताब करते हुए हुज्जतुल इस्लाम सिद्दीकी ने रमज़ानुल मुबारक की आमद के मौके पर तक़वा, क़ुरआन और अख़लाकी फ़ज़ाइल पर ज़ोर दिया।
उन्होंने कहा कि यह महीना नुज़ूल-ए-क़ुरआन का महीना है, और हमें इसके साथ गहरा ताल्लुक़ क़ायम करना चाहिए उन्होंने आगे कहा कि रमज़ान सिर्फ़ इबादतों का महीना नहीं बल्कि रज़ाइल से निजात पाने और हुक़ूक़-उल-इबाद अदा करने का भी बेहतरीन मौका है।
अपने खिताब के दूसरे हिस्से में उन्होंने शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह की शख्सियत और उनकी तदफीन में अवाम की शिरकत पर रौशनी डाली। उन्होंने कहा कि इस तारीखी तशीअ ने हिज़्बुल्लाह की मजबूती और अवामी हिमायत को और ज़्यादा उजागर किया।
ख़तीब-ए-नमाज़-ए-जुमा ने हिज़्बुल्लाह के नए सेक्रेटरी जनरल की तकरीर को भी जुरअतमंदाना करार देते हुए कहा कि इससे यह साबित हुआ कि हिज़्बुल्लाह किसी एक शख्स पर मुनहसिर नहीं बल्कि एक नज़रिया और अवामी तहरीक है।
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