हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस मुक़द्दस मौके पर हरम का माहौल खुशी और रूहानियत से भर गया। बड़ी तादाद में मोमिनीन ने इस जश्न में शिरकत की।
इस तक़रीब के मुख़्तलिफ़ हिस्सों में हुज्जतुल इस्लाम इब्राहीम शातिरी का ख़िताब, हाज मेहदी हैदरी के असरदार क़सीदे, और इस बुज़ुर्ग इमामज़ादेह के सहन में शानदार रौशनी का इंतज़ाम शामिल था।जिसने जश्न की फ़िज़ा को और ज़्यादा रूहानी और खुशगवार बना दिया।यह तक़रीब नमाज़-ए-मग़रिब और इशा की अदायगी के बाद मुनअक़िद हुई।
ग़ौरतलब है कि इमामज़ादा सैयद अली अलैहिस्सलाम, हज़रत अब्बास बिन अली अलैहिस्सलाम की औलाद में से हैं, और उनका हरम सूबा-ए-क़ुम के अहम और मोअतबर मज़ारात में शुमार होता है।
यह मुक़द्दस बारगाह सदियों से शियान-ए-अहले बैत अलैहिमुस्सलाम के लिए अक़ीदत और ज़ियारत का मरकज़ रही है।
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