रविवार 11 जनवरी 2026 - 19:36
शांति और सुकून अज़ीम इलाही नेमतो मे से है / देश की सलामती के लिए खुसूसी दुआओ की अपील

हौज़ा /मौजूदा समय की अज्ञानता यह है कि दिन दहाड़े किसी देश के अधिकारी का अपहरण कर ले, अज्ञानता यह है कि खुद ही एक देश पर हमला करके सीज़ फॉयर का भी तक़ाज़ा करो, अज्ञानता वह है जो आप ग़ज़्ज़ा वगैरा मे देख रहे है। इसी लिए यह अज्ञानता किसी भी मुसीबत से भी बुरी है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शिया मरजा ए तक़लीद हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली के अनुसार आज (11 जनवरी 2026) अपने फ़िक़्ह के दर्से खारिज की शुरूआत मे शांति जैसी नेमत के महत्व पर जोर देते हुए कहाः हालिक कोई भी नेमत हमारी अपनी ओर से नही है और हमारे पास जो भी चीज़ है वह अल्लाह तआला की दी हुई है।

उन्होने पवित्र क़ुरआन की आयत (मा बेना मिन नेमतिन फ़मिंका) का पाठ करते हुए कहाः अल्लाह तआला की सभी नेमतो मे बेहतरीन नेमत शांति है जो अल्लाह ने हमे प्रदान की है और हम पर अपना एहसान और करम फ़रमाया है।

इस मरजा ए तक़लीद ने कहाः अल्लाह तआला ने फ़रमाया है कि यहूदी कौम की ख़बासते सभी कौमो से अधिक है। अल्लाह तआला ने अपने पैग़म्बर से फ़रमायाः यह यहूदी हर रोज़ (तुम्हे नुक़सान पहुचाने के लिए) योजना बनाते है। इसलिए यह समूह अर्थात इजराइल धरती पर सबसे बुरा और नीचा समूह है। वह वही अज्ञानता है जिस पर सवाल उठाया जाना चाहिए।

आयतुल्लाह जावादी आमोली ने आगे कहाः मौजूद समय की अज्ञानता यह है कि दिन दहाड़े किसी देश के अधिकारी का अपहरण कर ले, अज्ञानता यह है कि खुद ही एक देश पर हमला करके सीज़ फॉयर का भी तक़ाज़ा करो, अज्ञानता वह है जो आप ग़ज़्ज़ा वगैरा मे देख रहे है। इसी लिए यह अज्ञानता किसी भी मुसीबत से भी बुरी है। 

इस मरजा ए तक़लीद ने आखिर मे अल्लाह तआला से देशी की संप्रभुता, गरिमा और शानो व शौकत को बरकरार रखने की दुआ के साथ सभी लोगो और विशेषकर विद्वानो से शांति और संप्रभुता की रक्षा के लिए दुआ का आग्रह करते हुए कहाः हम सभी लोगो से तक़ाजा करते है कि वह शांति और संप्रभुता के लिए अपनी दुआओ मे बढ़होतरी करे ताकि अल्लाह तआला इस्लामी प्रणाली और इस क़ौम और इस देश की सुरक्षा करे क्योकि यह देश एक ऐसा देश है जो अहले बैत (अ) और हज़रत वली अस्र (अ) का अनुयायी है।

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