हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हुज्जतुल इस्लाम वहदानी फ़र ने कहां, क़ुरआन करीम को सबसे मुस्तहकम इलाही सनद क़रार दिया, जो दिलों पर हुकूमत करता है। उन्होंने इज़हार किया कि क़ुरआन से तमस्सुक इंसान की ज़िन्दगी का बुनियादी सरमाया है और उसकी पैरवी ज़िन्दगी की राह को दुरुस्त कर देती है।
उन्होंने यूरोपी मुल्कों में इस आसमानी किताब की तौहीन के कुछ वाक़िआत के बाद अवाम में क़ुरआन की तरफ़ बढ़ते रुझान की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि ज़िन्दगी आयतों के साथ प्रोजेक्ट के हवाले से तख़स्सुसी नशिस्तों का इनइक़ाद और उस्तादों व तलबा की तरबियत बेहद ज़रूरी है।
उन्होने कहां इर्शाद-ए-इस्लामी, जमीयत-ए-हिलाल-ए-अहमर, बसीज, रिटायर्ड फ़रहंगी अफ़राद और फ़आल क़ुरआनी इदारों से दरख़्वास्त की कि इस मंसूबे की तन्फ़ीज़ में शरीक हों। उन्होंने यह भी तजवीज़ दी कि देहाती इलाक़ों के दाख़िली रास्तों को क़ुरआनी पैग़ामात से मुअज़्ज़न व सजाया जाए।
उन्होंने नगरपालिका से भी दरख़्वास्त की कि इन प्रोग्रामों के निफ़ाज़ में मुकम्मल तआवुन करे, ताकि इदारों की हमआहंगी से मआशरे में फ़रहंग-ए-क़ुरआन के ज़्यादा से ज़्यादा फ़रोग़ का मौक़ा फ़राहम हो सकें।
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